चिरगांव विकास खंड के मियांपुर ग्राम प्रधान आरती यादव एवं उनके प्रतिनिधि पति पर मनरेगा समेत अन्य कार्यों में करीब 1.25 करोड़ रुपये के घपले का आरोप लगाते हुए स्थानीय निवासी राजेंद्र यादव समेत अन्य ग्रामीणों ने जिलाधिकारी, डीपीआरओ समेत अन्य अधिकारियों से शिकायत की थी। इसकी उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई थी। डीपीआरओ जगदीश राम ने परियोजना अधिकारी (नेडा) वीरेंद्र कुमार की अगुवाई में दो सदस्यीय जांच कमेटी बना दी। बुधवार दोपहर यह जांच कमेटी मियांपुर स्थित पंचायत भवन पहुंची।
जांच अफसरों के आने की भनक लगते ही ग्राम प्रधान पक्ष समेत दूसरे पक्ष के सैकड़ों लोग वहां जमा हो गए। दोनों पक्षों में गहमागहमी होने लगी। ग्राम प्रधान समर्थकों ने जांच दल के अफसरों को कमरे में बंधक बना लिया जबकि दूसरे पक्ष के लोग उनको मौके पर ले जाने पर अड़े थे। इस बात पर दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। मारपीट, हंगामे की सूचना पर थोड़ी देर में पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने लाठियां पटककर वहां से लोगों को खदेड़ा। सीओ अरुण कुमार चौरसिया के मुताबिक शांति भंग के आरोप में एक दर्जन लोगों को पकड़कर थाने लाया गया है। जांच टीम वापस लौट गई।