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दतिया में वेटनरी कॉलेज की रखी गई नींव, डेढ़ साल में बनकर होगा तैयार

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दतिया में पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के शिलान्यास के मौके पर मौजूद लोग। - फोटो : REPORTERS
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झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय से संबद्ध पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान एवं मत्स्यकीय महाविद्यालय का रविवार को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने वर्चुअल शिलान्यास किया। 350 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह कॉलेज डेढ़ साल में बनकर तैयार हो जाएगा और 2022 से कक्षाएं संचालित होने लगेंगी।
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रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय का पिछले महीने ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल लोकार्पण किया था। इसके बाद से दतिया में पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान एवं मत्स्यकीय महाविद्यालय के शिलान्यास की सुगबुगाहट तेज हो गई थी। रविवार को आखिरकार इसकी नींव रख दी गई। दतिया के नौनेर में 189 एकड़ में बनने वाले इस महाविद्यालय में पशु चिकित्सा एवं मत्स्यकीय के अलग-अलग कॉलेज होंगे। वर्ष 2022 से शुरू होने वाले पहले सत्र में पशु चिकित्सा में 60 और मत्स्यकीय में 30 सीटों पर प्रवेश दिए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने ढोल बजाकर अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान एमपी के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अरविंद कुमार के अलावा कुलाधिपति डॉ. पंजाब सिंह, महानिदेशक आईसीआर डॉ. त्रिलोचन महापात्रा ऑनलाइन तौर पर मौजूद रहे।
ये भी होगा
कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अरविंद कुमार ने बताया कि इस कॉलेज में क्लीनिकल कॉप्लेक्स भी बनेगा। इसके अलावा पॉलिट्री, रैबिट आदि की एनिमल यूनिट भी बनेंगी। इसके अलावा यहां पर बीज प्रसंस्करण का प्लांट भी लगाया जा रहा है, जिसमें मोटे अनाज जैसे ज्वार, बजारा आदि उगाएंगे। इसका उद्देश्य बुंदेलखंड की भौगोलिक परिस्थिति के मद्देनजर उपयुक्त मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देना है। अगले तीन महीने में बनकर तैयार हो जाएगा। नए-नए किस्मों के बीज किसानों को मिलेंगे।
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दुग्ध, मछली उत्पादन बढ़ा किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य
झांसी। किसानों की आय दोगुनी करने के प्रधानमंत्री के लक्ष्य को साकार करने में पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान एवं मत्स्यकीय महाविद्यालय भी अहम भूमिका निभा सकता है। इस कॉलेज के जरिए वर्ष 2050 तक दुग्ध उत्पादन 400 मिलियन टन करने का लक्ष्य है, जो अभी 195 मिलियन टन करना है। इसके अलावा मछली उत्पादन भी 22 मिलियन टन करने लक्ष्य है, जो कि मौजूदा समय में 12.5 मिलियन टन है।
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