झांसी। निजी वाहनों के रूप में संचालित होने वाली साधारण वैन अब स्कूली वैन में परिवर्तित हो सकेंगी। संभागीय परिवहन विभाग ने इसके लिए शुल्क सहित आवेदन करने वाले साधारण वैन मालिकों के वास्ते नई गाइडलाइन लागू की है। शुल्क जमा करने के बाद ऐसी साधारण वैन स्कूली वाहनों में शामिल हो सकेंगी और विभाग भी उन पर कार्रवाई नहीं करेगा।
संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन (आरटीओ) अरविंद कुमार त्रिवेदी ने बताया कि बिना गाइडलाइन के चल रहे स्कूली वाहनों पर विभाग लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई कर रहा है। पिछले दिनों चले अभियान के दौरान कई वैन पकड़ी गई थीं। वैन मालिकों के अनुरोध पर विभाग ने उन्हें एक मौका दिया है कि वे अपनी साधारण वैन को वैध रूप से स्कूली वैन में तब्दील करा लें, जिससे उन पर कोई कार्रवाई न हो।
उन्होंने बताया कि इसके लिए वाहन स्वामी को 3,000 रुपये परमिट शुल्क और 800 रुपये फिटनेस शुल्क देना होगा। इसके अलावा, 10 लाख रुपये से कम मूल्य के वाहनों पर बिक्री मूल्य का 10.5 प्रतिशत तथा 10 लाख से अधिक मूल्य के वाहनों पर बिक्री मूल्य का 12.5 प्रतिशत कर एक बार में जमा कराना होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि वाहन पूर्व में प्राइवेट में पंजीकृत है और एक बार टैक्स जमा कर चुका है, तो उसे उपर्युक्त राशि का महज ढाई प्रतिशत टैक्स ही जमा करना होगा।