झांसी। कोरोना की वैक्सीन की दूसरी डोज लगने के 14 दिन बाद एंटीबॉडी बनती है। ऐसे में टीकाकरण से लेकर एंटीबॉडी बनने की प्रक्रिया लगभग छह हफ्ते की होती है। इसलिए लोगों को वैक्सीनेशन में देरी नहीं करनी चाहिए। वहीं, जब तक कोरोना की वैक्सीन न लग जाए, तब तक सोशल डिस्टेंसिंग से लेकर मास्क पहनने तक का पूरा ध्यान रखना चाहिए।
कोरोना की वैक्सीन ही इससे बचाव का एकमात्र उपाए है। हालांकि, वैक्सीन के भी अपने नियम-कायदे हैं। वैक्सीन की पहली डोज लगने के बाद 28वें दिन दूसरी खुराक लगाई जाती है। इसके 14 दिन बाद वायरस के खिलाफ शरीर में एंटीबॉडी बन जाती है। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में कोरोना की वैक्सीन लगने के 20 वें दिन एक डॉक्टर पॉजिटिव आ गए हैं। ऐसा इसलिए हुआ है, क्योंकि उन्हें वैक्सीन की दूसरी डोज तो लग ही नहीं पाई थी। दूसरी डोज लगने के दो सप्ताह बाद डॉक्टर के शरीर में एंटीबॉडी विकसित हो जाती। ऐसे में लोगों को वैक्सीन लगवाने में कतई देरी नहीं करनी चाहिए। वैक्सीन लगने से लेकर एंटीबॉडी बनने तक की प्रक्रिया लगभग छह सप्ताह की है। वैक्सीनेशन में आप जितनी देरी करते जाएंगे, एंटीबॉडी बनने की प्रक्रिया में भी उतना समय बढ़ता जाएगा।