गेहूं की फसल में ब का छिड़काव शुरू हो गया। ऐसे में इसकी मांग बढ़ गई। इसका फायदा उठाकर दुकानदार प्रतिबोरी 25 से 30 रुपये तक अतिरिक्त वसूल रहे हैं। परेशान किसानों ने कार्रवाई के लिए अफसरों से गुहार लगाई है।
किसानों तक यूरिया सही तरीके से पहुंच जाए, इसके लिए सरकार ने नकद खाद बिक्री पर रोक लगा दी है। लेकिन, शासन के प्रयासों का असर दिखाई नहीं दे रहा है। गेहूं की फसल में यूरिया की डिमांड बढ़ने से खाद विक्रेताओं ने मुनाफा वसूली शुरू दी है। रक्सा, मऊरानीपुर, बामौर आदि से सटे तमाम इलाकों में खाद विक्रेता प्रति बोरी 25 से 30 रुपये तक वसूल रहे हैं।
किसानों का कहना है कि नकद खाद बिक्री नहीं हो रही। दुकानदार मनमाने तरीके से लोगों को खाद बेच रहे हैं। इससे कालाबाजारी बढ़ रही है। उन्होंने इसकी शिकायत दर्ज कराई है। मऊरानीपुर के ग्राम दुर्गापुर निवासी राजशेखर के मुताबिक खाद विक्रेता प्रिंट रेट पर खाद देने को राजी नहीं हैं। अलग से पैसा नहीं देने पर यूरिया नहीं दी जा रही है। इसी तरह बामौर के ग्राम सिरगुवां निवासी पूरन अहिरवार ने भी अधिकारियों के पास ओवररेटिंग की शिकायत की है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है। यूरिया की 45 किलोग्राम की बोरी 266.50 रुपये और 50 किलोग्राम की बोरी 295 रुपये की है, लेकिन इसके अतिरिक्त 25 से 30 रुपये वसूले जा रहे हैं।
प्रभारी उपनिदेशक कृषि केके सिंह का कहना है कि ओवररेटिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी।