इस दौरान उन्होंने फायरिंग रेंज समेत आने जाने वाले रास्ते और आसपास के लोगों से पूछताछ करके उनके भी बयान दर्ज किए हैं। मानवाधिकार टीम घटनास्थल पर करीब दो घंटे तक रही। यहां टीम के सदस्यों ने सीन को रीक्रिएट किया। दोनों के भागने के रास्ते के बारे में देखा। इसके साथ ही गाड़ी के आने जाने की स्थिति को भी देखा।
बता दें, 13 अप्रैल को बड़ागांव थाने के परीछा बांध के पास उमेश पाल हत्याकांड में वांछित पांच लाख के वांछित बदमाश असद और उसके साथी शूटर गुलाम को एसटीएफ ने मुठभेड़ के दौरान मार गिराया था।
मानवाधिकार आयोग ने दिल्ली में इस मामले में एक एफ आई आर दर्ज की थी। उसी सिलसिले में जांच करने टीम यहां झांसी पहुंची। सदस्यों ने मीडिया प्रतिनिधियों से कोई बात नहीं की।