बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के अवर अभियंता पद से बर्खास्त चल रहे अंबरीश गौतम की शुक्रवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बीयू परिसर स्थित घर के अंदर मौका मुआयना करके शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। भाई ने बताया कि पुलिस ने उनकी डायरी और लाइसेंसी रिवाल्वर आदि कब्जे में ली है।
अंबरीश गौतम के भाई अंकुर ने बताया कि बड़े भाई अंबरीश की पत्नी पूनम गौतम अपने छोटे बेटे यशांक को लेकर कोटा गई हुई थी, जहां वह कोचिंग कर रहा है। आगरा के छत्ता थाना अंतर्गत कचहरी घाट निवासी अंबरीश गौतम के भाई अंकुर ने बताया कि उनकी बीयू में अवर अभियंता पद पर तैनाती 2001 में हुई थी। उन्होंने बीयू में हुए 200 करोड़ रुपए के घोटाले की शिकायत शासन से की थी, जिस पर शासन स्तर से जांच हुई। इस दौरान उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसके चलते एनओसी लेकर पटना में एई विजलेंस के पद पर ज्वाइनिंग की।
पटना में जब पता चला कि उनकी बंद अलमारी का ताला तोड़कर फाइल निकली है तो वह नौकरी छोड़कर आए और कुलपति कार्यालय के बाहर धरना दिया। जिसे अनुशासनहीनता मानते हुए बीयू प्रशासन ने कमेटी बनाकर जांच कराई और उन्हें बर्खास्त कर दिया। इसके बारे में अंबरीश ने बीयू की अनुशासन समिति में अपील की जिसकी जांच प्रचलित है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव राजबहादुर यह नहीं बता सके कि करीब तीन साल से चल रही जांच कहां तक पहुंची है।
वही, मृतक के भाई अंकुर ने बताया की पुलिस के पहुंचने से पहले घर में घुसे कुछ लोगों ने फ़ाइलें और दस्तावेज खुर्दबुर्द की है। उन्होंने अनहोनी की आशंका जताई है। कुलपति मुकेश पांडेय का कहना है की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।