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मां के घर से बाहर निकलने के बाद पिता बेटियों के साथ करता था दुष्कर्म, अब मिली सजा

Sat, 20 Mar 2021 02:22 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, झांसी

सार

  • विशेष न्यायालय पॉक्सो व स्पेशल जज पॉक्सो की अदालत ने सुनाया फैसला 
  • जेल से तलब किया गया था आरोपी, 4 मई 2018 को पुलिस ने दाखिल की थी चार्जशीट 
  • अभियुक्त पर 51 हजार का जुर्माना भी लगाया
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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विशेष न्यायालय पॉक्सो व स्पेशल जज पॉक्सो अभय श्रीवास्तव की न्यायालय ने दो पुत्रियों के साथ दुष्कर्म करने वाले पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अभियुक्त पर 51 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो चंद्रप्रकाश शर्मा के अनुसार झांसी निवासी एक महिला ने विशेष न्यायालय पॉक्सो में प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि उसका पति शौकत काफी समय से धमकाकर उनकी नाबालिग बेटियों से अवैध संबंध बनाकर दुष्कर्म करता चला आ रहा है। 
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विरोध करने पर कुल्हाड़ी से काट डालने की धमकी देता है। डर व लोकलाज के भर से वह कुछ नहीं बता सकी। उसके सोने व घर से बाहर जाने के बाद वह बेटियों को हवस का शिकार बनाता था। समझाने पर वह पत्नी के साथ मारपीट करता है। घबराकर वह मकान खाली कर दूसरी जगह रहने लगी। पुलिस से शिकायत करने की बात कहने पर अभियुक्त 2 मई 2016 को घर से भाग गया था।
 
इसके बाद पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन मामला दर्ज नहीं हो सका। पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट अदालत में दाखिल की। दोनों के बयान व साक्ष्य अदालत में पेश किए गए। सुनवाई के दौरान शुक्रवार को अभियोजन के साक्ष्य को विश्वसनीय मानते हुए अदालत ने अभियुक्त को धारा 376 व पॉक्सो एक्ट में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 51 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की राशि में से दोनों पीड़िताओं को बीस-बीस हजार रुपये देने के भी निर्देश दिए। 
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पत्नी और बेटियों के बयानों ने दिलाई सजा
इस पूरे फैसले में पत्नी व बच्चों के बयान अहम साबित हुए। बयान व साक्ष्यों के बाद अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपी को जेल से तलब किया गया था। सजा सुनाने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। घटना के बाद थाने में शिकायत के बाद भी मामला दर्ज नहीं हो सका था। 

पीड़िता ने 27 अप्रैल 2016  की आखिरी बार घटना बताते हुए विशेष न्यायालय पॉक्सो की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। अदालत के आदेश के बाद  पुलिस ने 26 अक्तूबर 2016 एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी थी। पत्नी व दोनों बेटियों के बयानों व साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी। बयानों के बाद 4 मई 2018 को आरोप निर्धारित किया गया था। आरोपी को जेल से तलब करने के बाद सुनवाई कर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
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