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दूर होगी बेरोजगारी, लहलहाएगी रोजगार की फसल

Mon, 23 Nov 2015 01:11 AM IST
ब्यूरो
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झांसी। बुंदेलखंड की बदहाली दूर करने को केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। झांसी में प्रस्तावित नेशनल इनवेस्टमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग जोन (एनआईएमजे) को केंद्र ने हरी झंडी दिखा दी है। अब प्रदेश सरकार द्वारा इसके लिए चिह्नित जमीन का नोटीफिकेशन कराया जाएगा। इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
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बुंदेलखंड में रोजगार का प्रमुख केंद्र कृषि है। लेकिन, पिछले कुछ वर्षों से मौसम की बेरुखी के चलते यहां कृषि की हालत पतली है। दाने - दाने को मोहताज किसान देश के महानगरों की ओर पलायन को विवश हैं। इसके अलावा औद्योगिक वातावरण न होने की वजह से शहरी क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसरों का भारी अभाव है।

इस कमी को दूर करने के लिए तीन वर्ष पूर्व केंद्र सरकार द्वारा यहां नेशनल इनवेस्टमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना की पहल की गई थी। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा गरौठा व टहरौली तहसील की 5597.102 हेक्टेअर भूमि चिह्नित की गई थी। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी) द्वारा इसका प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया था, परंतु इसी दरम्यान केंद्र में सत्ता परिवर्तन के बाद से एनआईएमजे का मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। लेकिन, अब क्षेत्र के विकास व रोजगार के अवसरों की फाइल पर चढ़ी धूल साफ हो गई है।
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केंद्र सरकार ने झांसी में एनआईएमजे की स्थापना को सैद्धांतिक सहमति दे दी है। अब प्रदेश सरकार इसके लिए चिह्नित जमीन का नोटीफिकेशन करेगी। तदुपरांत, यूपीएसआईडीसी द्वारा लैंड यूज तय किया जाएगा, जिसके आधार पर भूमि का अधिग्रहण होगा।

यह जमीन है चिह्नित
झांसी। नेशनल इनवेस्टमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना के लिए गरौठा तहसील के ग्राम गेंदा कबूला, कठर्री, गोरा, जुझारपुरा, ठहरका, हरदुवा, शैतानपुरा, कामेरा व झबरा तथा टहरौली तहसील के ग्राम शमशेरपुरा, बेंदा, पथरेडी, सुरवई व देवरा सारन में भूमि चिह्नित की गई है।

रोजगार के होंगे अपार अवसर
झांसी। एनआईएमजे में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए देश के बड़े उद्योगपतियों को आमंत्रित किया जाएगा। उन्हें यहां विभिन्न सहूलियतें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा छोटी इकाइयों की स्थापना के लिए बैंकों द्वारा ऋण मुहैया कराया जाएगा। इसके अलावा बेरोजगारों के प्रशिक्षण की भी व्यवस्था रहेगी, ताकि वह अपना स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर सकें या फिर किसी इंडस्ट्री में अपनी सेवाएं दे सकें।

‘एनआईएमजे को केंद्र सरकार की हरी झंडी मिल गई है। जल्द ही चिह्नित जमीन का नोटीफिकेशन किया जाएगा। एनआईएमजे की स्थापना से क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। इसमें भारी संख्या में हर स्तर के रोजगार सृजित होंगे।’
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- रविकांत शुक्ला, उपायुक्त - उद्योग
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