झांसी। नगर निगम में अफसरों की बेलगामी हावी है। अपनी मनमर्जी से काम करने और जन शिकायतों को गंभीरता से न लेने के आरोपों से आगे बढ़ते हुए अब निगम के अफसरों ने महापौर और नगर आयुक्त के आदेशों को भी गंभीरता से लेना बंद कर दिया है। स्थिति यह है कि कार्यकारिणी की बैठक में फटकार खाने के बाद भी अफसरों ने महापौर को विभिन्न कार्यों की पत्रावलियां मुहैया नहीं कराई हैं।
कार्यकारिणी की बैठक में महापौर किरन राजू बुकसेलर ने संपत्ति विभाग एवं जनकार्य विभाग से मांगी गईं विभिन्न पत्रावलियों न मिलने पर नाराजगी जताई थी। पत्रावलियां न देने का कारण पूछा था। महापौर की नाराजगी के बाद कार्यकारिणी सदस्यों ने हंगामा कर दोनों विभागों पर गंभीर आरोप लगाए थे।
महापौर और कार्यकारिणी की नाराजगी को देखते हुए नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने अफसरों को कड़ी फटकार लगाते हुए महापौर द्वारा मांगी गईं सभी पत्रावलियां रिसीव कराकर देने का आदेश दिया था। साथ ही उन्होंने यह भी हिदायत दी थी कि महापौर के आदेशों की अवहेलना करने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लेकिन, अफसरों पर न तो आदेश का कुछ असर पड़ा और न ही उन्हें कार्रवाई का डर रहा। कार्यकारिणी की बैठक को एक पखवाड़ा बीतने के बाद भी महापौर को मांगी गईं पत्रावलियां नहीं मिलीं।
इतना ही नहीं कार्यकारिणी की बैठक में सदस्यों के निशाने पर संपत्ति विभाग रहा था। सदस्यों ने एक अमीन को लेखपाल बनाए जाने पर नाराजगी जताते हुए उसे हटाने की मांग की थी, लेकिन कार्यकारिणी की मांग को अफसरों ने दरकिनार कर दिया और संपत्ति विभाग में कार्यरत अमीन अब भी लेखपाल का काम कर रहा है।
नगर आयुक्त ने भी जताई थी पीड़ा
कार्यकारिणी की बैठक में अफसरों की बेलगामी की पुष्टि करते हुए नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने अपनी पीड़ा जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि जनकार्य विभाग के अफसर तो इतने बेलगाम हैं कि दो-दो माह तक मुझे फोन भी नहीं करते हैं। कोई यह बताना भी जरूरी नहीं समझता है कि वह क्या कार्य कर रहा है।
अपने स्तर पर समस्याओं को निपटाने के स्थान पर सब नगर आयुक्त पर जिम्मेदारी को टाल देते हैं। उन्होंने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए अफसरों से रवैया बदलने को कहा था, लेकिन किसी पर कोई फर्क नहीं पड़ा।
अफसरों की बेलगामी के कारण विकास कार्यों में घालमेल की बू आ रही है। आदेशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यकारिणी की बैठक में सभी को पत्रावलियां लेकर आने के लिए कहा गया था, लेकिन सब खाली हाथ आ गए थे। यदि एक सप्ताह में पत्रावलियां नहीं मिलीं तो अफसरों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा।
किरन राजू बुकसेलर, महापौर, नगर निगम झांसी।