झांसी। तकनीकी रूप से दक्ष हाथों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए परेशान नहीं होना होगा। इसके लिए धन की व्यवस्था सरकार करेगी। केंद्र सरकार की माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट फंड रिफाइनेंस एजेंसी (मुद्रा) के तहत आईटीआई पास बेरोजगारों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
छोटे कारोबार को बढ़ावा देन के लिए शुरू की गई मुद्रा योजना के तहत दस लाख रुपये तक के ऋण का प्रावधान किया गया है। योजना को तीन वर्गों में विभाजित किया गया है। शिशु योजना के तहत पचास हजार रुपये तक, किशोर योजना के तहत पचास हजार से पांच लाख तक तथा तरुण योजना के तहत पांच लाख से दस लाख रुपये तक के ऋण का प्रावधान है।
खास बात यह है कि इस योजना के तहत ऋण लेने के लिए किसी तरह की गारंटी की आवश्यकता नहीं है। मुद्रा में तकनीकी रूप से दक्ष हाथों को विशेष तरजीह दी गई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों को आईटीआई उत्तीर्ण छात्रों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए सभी बैंक शाखाओं का लक्ष्य भी तय किया गया है।
मुद्रा योजना के तहत आईटीआई उत्तीर्ण बेरोजगारों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। प्रत्येक बैंक को पांच-पांच आईटीआई उत्तीर्ण बेरोजगारों को ऋण देने का लक्ष्य दिया गया है।
- सुनील कुमार चावला, अग्रणी जिला प्रबंधक