झांसी। यूनाइटेड नेशन ने महामारी, जलवायु परिवर्तन समेत कई मुद्दों पर विश्व के 80 देशों के लोगों से सुझाव मांगे थे। इस पर भारत से 36 लोगों का चयन सुझाव देने के लिए हुआ। इसमें झांसी के गौरव जैन का प्रस्ताव चुन लिया गया है। उन्होंने डिजिटल डिवाइड पर अपनी बात रखी।
यूएन ने फाउंडेशन चार्टर की स्थापना कई दशक पहले की थी। अब ये नई-नई वैश्विक चुनौतियों पर काम कर रहा है। इसके तहत विश्व के लोगों से सुझाव मांगकर नीति तैयार की जाती है। जून में महामारी, जलवायु परिवर्तन आदि मुद्दों पर सुझाव मांगे गए। ऑनलाइन फोकस ग्रुप की मीटिंग हुई। सुझाव देने के लिए भारत से गौरव समेत 36 लोगों का चयन हुआ। शुक्रवार को आए परिणाम में गौरव के सुझाव का पास हो गया है। झांसी के इस युवा ने डिजिटल डिवाइड पर अपनी बात रखी। कहा कि अब हर चीज इंटरनेट से जुड़ी हुई है। कोरोना वैक्सीनेशन की ही बात करें तो इसकी बुकिंग इंटरनेट के जरिए की गई। शहर के लोगों ने इसका लाभ उठाया, जबकि ग्रामीण पिछड़े रहे। ऐसे में इंटरनेट मौलिक अधिकार के रूप में देखा जाए। सरकार की तरफ उपलब्ध कराया जाए।