केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद उमा भारती के चुनाव न लड़ने के एलान के बाद अब भाजपा के नगर विधायक रवि शर्मा ने भी अगला कोई भी चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है। जबकि, उमा के न लड़ने पर 2019 के लोकसभा चुनाव में झांसी-ललितपुर संसदीय सीट से रवि के चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे थे।
रविवार को झांसी आईं उमा भारती ने स्वास्थ्य कारणों की वजह से आगामी कोई भी चुनाव न लड़ने का एलान किया था। उमा के इस फैसले के बाद से ही झांसी - ललितपुर संसदीय सीट पर आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई थी। इसमें सबसे ऊपर नाम सदर विधायक रवि शर्मा का लिया जा रहा था। लेकिन, वह भी चुनावी राजनीति से पीछे हट गए हैं। रवि शर्मा ने बताया कि वह न तो 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ेंगे और न ही 2022 का विधानसभा चुनाव। अपने वर्तमान कार्यकाल के बचे हुए चार वर्ष वह पूरी तरह से झांसी के विकास को समर्पित करेंगे। इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि चुनावी राजनीति में कई चीजों से समझौता करना पड़ता है। वह इससे इतर हटकर पूरी ईमानदारी और ताकत के साथ झांसी का विकास करेंगे।
उल्लेखनीय है कि 2012 के विधानसभा चुनाव में बुंदेलखंड की 19 विधानसभा सीटों में भाजपा केवल दो सीट जीती थी। झांसी से रवि और चरखारी से उमा ने जीत दर्ज की थी। जबकि, पिछले चुनाव में रवि पचास हजार से अधिक वोटों से शानदार जीत दर्ज कर दूसरी बार विधानसभा पहुंचे थे। सरकार के बनने के बाद से रवि के मंत्री बनने की चर्चाएं शुरू हो गईं थीं। लेकिन, उन्हें अब तक मंत्रीमंडल में जगह नहीं मिल पाई है। जानकारों का कहना है कि इससे खिन्न होकर रवि ने चुनाव न लड़ने का फैसला लिया है। हालांकि, रवि इससे इत्तेफाक नहीं रखते।