झांसी। सहकारी समितियों में गड़बड़झाला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। उर्वरक बिक्री से सहकारी समिति में होने वाली आय का दो साल से बकाया 2,11,844 लाख रुपये सचिव व प्रभारी दबाए बैठा था। इसकी भनक तब लगी जब समिति का निरीक्षण कर बैलेंस शीट चेक कराई गई। तब जाकर बड़ा घोटाला उजागर हुआ है।
मंगलवार को सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने साधन सहकारी समिति लि. पहाड़पुरा विकास खंड मोंठ का निरीक्षण किया। जिसमें समिति के सचिव रामप्रकाश तिवारी, उर्वरक प्रभारी कैलाश शर्मा ने संयुक्त गबन कर परिसंपत्तियों को क्षति पहुंचाई है। इनको सात दिन के अंदर उर्वरक का पैसा जमा करने के निर्देश जारी किए गए हैं। अगर यह सात दिन के अंदर पैसा सहकारी बैंक में जमा नहीं करते हैं तो एफआईआर, वसूली, कुर्की समेत पांच साल के लिए डिबार कर दिया जाएगा।
इस संबंध में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अनूप कुमार द्विवेदी ने बताया कि सहकारी समितियों में किसी प्रकार का भ्रष्टाचार न हो इसके लिए सख्त से सख्त कदम उठाए जा रहे हैं, अगर इसके बाद भी इन्होंने पैसा जमा नही किया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।