अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नई बस्ती निवासी सचिन कुशवाहा (45) की मौत के बाद उनका शव लेने के लिए उनकी दो पत्नियों के बीच विवाद हो गया। दोनों शव को अपने साथ ले जाने पर अड़ गईं। उनके परिवार के लोग भी आ जुटे। पुलिस ने समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव को उसके मां के हवाले कर दिया। दोनों पत्नियां भी अंतिम संस्कार में शामिल हुईं।
सचिन कुशवाहा (45) ने मंगलवार दोपहर जहर निगल लिया था। परिजनों ने उनको मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया। बृहस्पतिवार शाम को उनकी मौत हो गई। शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराया गया लेकिन उसके बाद शव को लेने के लिए उसकी दो पत्नियां सामने आ गईं। सचिन की मां और पहली पत्नी ममता शव अपने साथ ले जाना चाहती थीं जबकि उसकी दूसरी पत्नी कविता अपना दावा कर रही थी। कविता का कहना था कि अंतिम समय में सचिन उसके साथ रहता था, इस वजह से शव का अंतिम संस्कार वह कराएगी। इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक विवाद होता रहा। नोकझोंक में परिवार के लोग भी शामिल हो गए। सचिन की मां एवं पहली पत्नी ने पुलिस बुला ली। पुलिस कर्मियों ने दोनों को समझाने की कोशिश की लेकिन कोई अपना पक्ष छोड़ने को राजी नहीं हुआ। आखिरकार पुलिस ने दोनों पत्नियों को अंतिम संस्कार में साथ रखने की शर्त पर शव को मां के हवाले कर दिया। सचिन ने कर्ज से परेशान होकर जहर निगल लिया था। कोतवाल विद्यासागर सिंह के मुताबिक उसने दो शादियां की थीं। दोनों की सहमति से मां को शव दिया गया। उनकी ओर से अंतिम संस्कार कराया गया।