सेवायोजन विभाग की वेबसाइट पर शिक्षित बेरोजगार और कुशल श्रमिक समेत दो हजार लोगों ने पंजीकरण करा लिया है। इसमें बाहर से लौटे वह श्रमिक भी शामिल हैं, जो लॉकडाउन में काम-धंधा बंद होने पर झांसी लौट आए हैं। अब इनकी कुशलता के आधार पर विभिन्न विभागों में काम दिया जाएगा। घर वापसी करने वाले श्रमिक बेरोजगार न रहें, इसके लिए शासन ने इन्हें रोजगार उपलब्ध कराने का फैसला लिया है।
इसके तहत श्रमिकों से भी सेवायोजन विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण कराने के लिए कहा गया है। बताया गया कि इस महीने अब तक दो हजार लोगों ने वेबसाइट पर पंजीकरण करा लिया है। इसमें शिक्षित बेरोजगार युवा भी शामिल हैं, जो समय-समय पर पंजीकरण कराते रहते हैं। इसके अलावा बाहर से आने वाले कुशल और अकुशल श्रमिक भी हैं।
सेवायोजन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि श्रमिकों को मनरेगा, निर्माण, फैक्ट्रियों, कौशल विकास मिशन आदि के अंतर्गत काम दिया जाएगा। श्रमिकों की कुशलता दर्ज की जा रही है। लॉकडाउन के बाद समय-समय पर रोजगार मेला लगाकर कुशलता के आधार पर काम दिलाया जाएगा। मजदूरों को मनरेगा, विभागों की रोजगारपरक योजनाएं, उद्योग विभाग इंडस्ट्री का आंकलन कर काम दिलाएंगे। इन्हें भूमि संरक्षण के कार्य में भी लगाया जा सकता है।
तालाब, चेकडैम, कुएं व मिट्टी खोदने का कार्य लिया जा सकता है। खेतों का समतलीकरण, पशु आश्रय स्थलों का निर्माण, पौधरोपण करने का काम भी लिया जाएगा। इसके अलावा दैनिक आवश्यकता के क्षेत्र मिस्त्री, पेंटर, कारपेंटर, प्लंबर, सिक्योरिटी गार्ड, घरेलू आया का भी काम मिलेगा।