इलाइट चौराहे के पास स्थित एक रेस्तरां में संजय सिंह उर्फ संजू की हत्या के मामले में पुलिस ने रविवार देर रात बड़ा खुलासा किया। कोछाभांवर क्षेत्र में न्यू पुलिस लाइन के पास बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में लहरगिर्द निवासी अजीम खान उर्फ भीम पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि धर्मेंद्र परिहार को पुलिस ने दबोच लिया। जांच में सामने आया कि हत्या की पूरी साजिश धर्मेंद्र और उसके साथी अजय यादव ने रची थी। पुलिस अब मुख्य शूटर हुसैन, उसके साथी जितेंद्र यादव उर्फ जीतू और अजय यादव की तलाश में जुटी है।
सार्वजनिक रूप से अपमान करना बना हत्या की वजह
एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस टीम रविवार रात आरोपियों की तलाश में कोछाभांवर पहुंची थी। पुलिस को देखते ही अजीम ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। मौके से धर्मेंद्र परिहार को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि संजय सिंह की हत्या की योजना धर्मेंद्र और अजय यादव ने बनाई थी। पुलिस के अनुसार संजय से उनका लंबे समय से जमीन के कारोबार और पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। इसके अलावा पिछले वर्ष संजय ने धर्मेंद्र की सार्वजनिक रूप से पिटाई कर उसे अपमानित किया था। इसी घटना के बाद धर्मेंद्र ने बदला लेने की ठान ली थी।
अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
जांच में यह भी सामने आया कि साजिश में हुसैन, जितेंद्र यादव उर्फ जीतू और अजीम को भी शामिल किया गया। वारदात वाले दिन जीतू, हुसैन को बाइक से रेस्टोरेंट लेकर पहुंचा। वहीं हुसैन ने संजय को गोली मारी और दोनों बाइक से फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि शेष तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
जमीन के कारोबार में शुरू हुई साझेदारी, दुश्मनी में बदली और आखिरकार हत्या तक पहुंची।
इस तरह पहुंची पुलिस आरोपियों के पास
पुलिस जांच में सामने आया कि हैवतपुरा गांव की प्रधान रामदेवी के छोटे बेटे संजय सिंह उर्फ संजू (33) पिछले करीब दस वर्षों से जमीन के कारोबार से जुड़े थे। शुरुआती दौर में उनके साझीदार धर्मेंद्र परिहार और अजय यादव थे। बाद में पैसों के बंटवारे और जमीन के सौदों को लेकर तीनों के बीच विवाद बढ़ गया। छानबीन के दौरान पुलिस को जमीन से जुड़े कई पुराने विवादों की जानकारी मिली। इसी आधार पर धर्मेंद्र, अजय और उनके करीबी लोगों से पूछताछ की गई। जांच में धर्मेंद्र सबसे अहम कड़ी साबित हुआ। पता चला कि गुरसराय में हुए विवाद के दौरान संजय ने धर्मेंद्र की सार्वजनिक रूप से पिटाई कर दी थी। उसी अपमान का बदला लेने के लिए उसने हत्या की साजिश रची। पुलिस के अनुसार पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर धीरे-धीरे पूरी साजिश सामने आती गई। सभी संदिग्ध अपने-अपने ठिकानों से फरार मिले, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया। सीसीटीवी फुटेज की जांच में भी आरोपियों की गतिविधियां सामने आईं। राक्सा टोल प्लाजा सहित कई स्थानों के फुटेज ने आरोपियों के भागने के रास्ते की पुष्टि की।
हत्या के बाद ऐसे भागे आरोपी
बृहस्पतिवार रात इलाइट चौराहे से करीब 300 मीटर दूर स्थित द मेड किचन रेस्तरां में खाना खाने के दौरान संजय सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद आरोपी बाइक से बिहारी तिराहा होते हुए झांसी-शिवपुरी हाईवे की ओर फरार हो गए। घटना के खुलासे के लिए पुलिस ने संजय के परिचितों और उसके साथ रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की, जिसके बाद हत्या की साजिश की परतें खुलती चली गईं।
मामले की जानकारी देतीं एसपी सिटी प्रीति सिंह...