झांसी। प्राइवेट बस संचालकों की मांग को लेकर सरकार ने पहल की है। सरकार ने अप्रैल और मई माह का टैक्स माफ करने की तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन बस ऑपरेटर्स इसे लेकर नाखुश नजर आ रहे हैं। बस ऑपरेटर्स का कहना है कि सरकार बस संचालकों की मांग को गंभीरता से नहीं ले रही है।
दरअसल, मार्च माह में लॉकडाउन लगने के बाद से बसों के संचालन पर रोक लगा दी गई थी। जिले से करीब 427 प्राइवेट बसों का संचालन किया जाता है। लॉकडाउन के चलते बसें खड़ी हो गईं। इसे लेकर बस ऑपरेटरों ने सरकार से बसों का टैक्स माफ करने की मांग की थी। इसके बाद सरकार की ओर से बसों को सरेंडर करने के आदेश दिए गए। बस संचालकों ने आगामी महीनों के टैक्स में राहत के लिए बसों को सरेंडर करना शुरू कर दिया। बस संचालकों ने लॉकडाउन अवधि का टैक्स माफ करने के लिए फिर से मांग की। अब शासन ने निजी बस संचालकों के लिए अप्रैल और मई माह के लिए टैक्स की माफी की तैयारी शुरू कर दी है। जबकि ट्रक मालिकों को अप्रैल माह के टैक्स में राहत दी है। इसे लेकर बस ऑपरेटर्स
नाखुश नजर आ रहे हैं। बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के अनूप यादव का कहना है कि गुजरात जैसे प्रदेशों ने लॉकडाउन का पूरा टैक्स माफ कर दिया, लेकिन प्रदेश सरकार इसे लेकर गंभीर नहीं है। बस मालिक राजीव अग्रवाल का कहना है कि सरकार को लॉकडाउन का पूरा टैक्स माफ करना चाहिए। जून में भी बसों का संचालन नहीं हुआ है। बस संचालकों की मांग पर सरकार को गौर करना चाहिए। एआरटीओ सत्येंद्र कुमार का कहना है कि अब तक इस संबंध में कोई निर्देश नहीं मिले हैं। निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।