झांसी। कानपुर के शेल्टर होम की 57 लड़कियों के कोरोना संक्रमित व सात के गर्भवती की घटना के बाद शासन के निर्देश पर शेल्टर होमों की जांच शुरू कर दी गई है। दो साल पहले थाना नवाबाद अंतर्गत मदर टेरेेसा आश्रम से लापता दो बालिकाओं की जांच भी शुरू हो गई है। इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद चार विवेचक भी बदले गए, लेकिन सफलता हासिल नहीं हुई। ऐसे में पुलिस ने मामले में फाइनल रिपोर्ट भी लगा दी थी, लेकिन शासन के रुख को देखते हुए पुलिस ने फिर से जांच शुरू कर दी है।
जिले के थाना नवाबाद स्थित मदर टेरेसा व खाबीबाबा स्थित सेंट ज्यूड्स फाउंडलिंग में बच्चों, महिलाओं व बालिकाओं को रखा जाता है। कानपुर में हुई घटना के बाद झांसी के दोनों शेल्टर होम की भी जांच शुरू कर दी गई है। इनमें बालिकाओं, युवतियों व महिलाओें के रहने से लेकर वर्तमान जानकारी शासन स्तर पर जुटाई जा रही है। बताया गया है कि 7 मार्च व 1 अप्रैल 2018 को थाना नवाबाद क्षेत्र के मदर टेरेसा आश्रम निर्मला शिशु गृह से दो बालिकाएं लापता हो गई थीं। खोजबीन के बाद भी पता न चलने पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तलाश में जुट गई थी। इनमें एक बालिका झारखंड के जिला चईवास व दूसरी मुंबई के थाना चोपाली क्षेत्र की रहने वाली थीं। ये दोनों बालिकाएं झांसी में भटकते हुए बाल कल्याण समिति को मिली थी। इसके बाद समिति ने मटर टेरेसा के सुपुर्द किया था। पुलिस नेे इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। लंबी पड़ताल के बाद भी बालिकाओं का पता नहीं चल सका था। पुलिस की जांच दौरान चार विवेचक बदले, लेकिन सुराग किसी का हाथ नहीं लगा।
दोनों के पते भी करता रहा गुमराह
पुलिस दोनों मामलों में जांच करने महाराष्ट्र व झारखंड भी पहुंची। यहां बताए गए पते की वहां कोई जानकारी नहीं दे सका। पुलिस के अनुसार पता गलत पाया गया। अब एक टीम फिर जांच करनेे महाराष्ट्र व झारखंड जाएगी।
शेल्टर होम से भेजी गई जानकारी
वर्तमान में मटर टेरेसा आश्रम में 25 बच्चे व 42 महिलाएं हैं। खाबीबाबा के सेंट ज्यूड्स फाउंडलिंग में 50 बच्चे हैं। इनकी हर जानकारी शासन स्तर पर भेज दी गई है। साथ ही मदर टेरेसा से लापता दो बालिकाओं की जानकारी भेजी गई है।