ललितपुर। शहर के मोहल्ला गांधीनगर में तेरह वर्ष पूर्व हुई दुल्हन की सोने की करधनी लूट के मामले में फैसला आ गया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील सिंह की अदालत ने दो दोषियों को सात-सात वर्ष के कारावास और 13-13 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
कोतवाली अंतर्गत मोहल्ला गांधीनगर निवासी अभय जैन ने दस वर्ष पूर्व कोतवाली में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि 14 जुलाई 2013 को उनके बेटे की शादी हुई थी। 17 जुलाई 2013 को सुबह 11 बजे उनकी बहू क्षेत्रपाल मंदिर से दर्शन कर लौट रही थी। घर के पास दुल्हन ब्यूटी पार्लर के पास एक अज्ञात व्यक्ति ने बहू की सौ ग्राम सोने की करधनी खींचकर लूट ली। दूसरा व्यक्ति मोटरसाइकिल लेकर आया, जिस पर बैठकर लुटेरा भाग गया। अभय जैन के परिवार ने पीछा किया, लेकिन वे नहीं मिले। उन्होंने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 22 अगस्त 2013 को अभय जैन की भतीजी नीलम ने लूट करने वाले लड़के को देवगढ़ रोड़ पर पहचान लिया। पुलिस को सूचना मिलने पर आरोपी को मौके से पकड़ा गया।
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जांच और आरोप पत्र
विवेचना के दौरान तीन आरोपियों के नाम सामने आए। इनमें सीपरी बाजार, झांसी निवासी चीमा उर्फ जितेंद्र बुनकर और चमनगंज, सीपरी बाजार झांसी निवासी समीर खान शामिल थे। कोतवाली पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की दलीलों, साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनवाई की।
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सजा और किशोर अपचारी
न्यायालय ने चीमा उर्फ जितेंद्र कुमार और समीर खान को 2 सितंबर 2026 को दोष सिद्ध पाया था। न्यायाधीश ने अब दोनों दोषियों को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 13-13 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। सहायक शासकीय अधिवक्ता कृष्णबिहारी कुशवाहा ने बताया कि अर्थदंड अदा न करने पर सभी आरोपियों को तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। तीसरा आरोपी किशोर होने के कारण न्यायालय ने उसे किशोर अपचारी घोषित कर उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड को भेजी है।