सागर/ललितपुर। मध्यप्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद उत्तर प्रदेश कनेक्शन पर दोनों राज्यों की पुलिस के दावे अलग-अलग हैं। सागर पुलिस ने जहरीली शराब की आपूर्ति के तार ललितपुर से जुड़े होने की बात कही है। वहीं, ललितपुर के अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह ने इस दावे को भ्रामक बताते हुए खारिज कर दिया।
कालू सिंह ने सागर पुलिस से ललितपुर कनेक्शन से जुड़े तथ्य और साक्ष्य साझा करने को कहा है। सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने मीडिया को यूपी कनेक्शन की जानकारी दी थी। इसके बाद ललितपुर पुलिस ने स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने कहा कि जिले में स्पिरिट या केमिकल से अवैध शराब बनाने की कोई वर्तमान गतिविधि नहीं है। दोनों राज्यों की पुलिस के बयानों में अंतर आने से सागर पुलिस के दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं। ललितपुर पुलिस ने साक्ष्य उपलब्ध होने पर जांच आगे बढ़ाने की बात कही है। ललितपुर पुलिस और आबकारी विभाग ने संयुक्त बयान में पूर्व की कार्रवाई का हवाला दिया है।
ललितपुर पुलिस के अनुसार, चार मई 2026 को रवि लखेरा और चंद्रेश लोधी के गिरोह का भंडाफोड़ हुआ था। कार्रवाई के दौरान नकली शराब से जुड़े मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। रवि लखेरा के मध्यप्रदेश में शराब के ठेके के लाइसेंस और आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि पूर्व में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
बंडा पहुंची एसओजी टीम
ललितपुर पुलिस की एसओजी टीम सोमवार को मध्यप्रदेश के बंडा थाने पहुंची। टीम ने वहां पुलिस अधिकारियों से नकली शराब के ललितपुर कनेक्शन से संबंधित तथ्य और साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा। एमपी पुलिस ने जांच और कार्रवाई किए जाने की बात कही, जिसके बाद एसओजी टीम वापस लौट आई। बंडा थाने में सात सितंबर को दर्ज मामले में 20 अभियुक्त हैं। इनमें आकाश राय नाम का आरोपी करीब 10 वर्ष से बंडा में रह रहा है।