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घनी आबादी में बने पोस्टमार्टम हाउस से परेशानी

Fri, 09 Jun 2017 12:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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postmortm, jhansi news - फोटो : demo
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घनी आबादी में बने पोस्टमार्टम हाउस से परेशानी
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- मोर्चरी हाउस को स्थानांतरित करने की मांग
- मोहल्लेवासियों ने उपजिलाधिकारी हो सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
मऊरानीपुर। नगर के मोहल्ला गांधीगंज में की घनी आबादी में पोस्टमार्टम हाउस बने होने के कारण मोहल्लेवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को युवा शक्ति समिति के अध्यक्ष आयुष श्रीवास के नेतृत्व में मोहल्लेवासियों ने सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर मोर्चरी हाउस को अन्य जगह स्थानांतरित करने की मांग की है।  

ज्ञापन में बताया कि करीब 65 वर्ष पहले प्रशासन ने मोहल्ला गांधीगंज में सुखनई नदी के पुल के पास मोर्चरी हाउस का निर्माण कराया था। उस समय पोस्टमार्टम हाउस से दूर दूर तक किसी भी प्रकार के रिहायशी मकान नहीं थे। लेकिन समय गुजरने के बाद धीरे धीरे मोर्चरी हाउस के आस पास कई रिहायशी मकान, तीन विवाह घर, मंदिर, विद्यालय तथा काफी संख्या में दुकानें खुल गईं है। जिसके कारण पोस्टमार्टम हाउस पूरी तरह से रिहायशी क्षेत्र में आबादी से घिर गया है। मोर्चरी हाउस में गुरसराय, गरौठा, एरच, टहरौली, सकरार व मऊरानीपुर क्षेत्र में घटित होने वाली घटनाओं से संबंधित शवों को पोस्टमार्टम के लिए यहीं लाया जाता है। जिसके कारण प्रतिदिन मोर्चरी हाउस के बाहर का माहौल काफी खराब रहता है। सड़ी, गली, जली व क्षत विक्षत शवों के कारण फैलने वाली दुर्गंध से आस पास के लोगों का जीना दूभर हो जाता है।
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विवाह घरों में शादी ब्याह व अन्य खुशी के कार्यक्रमों के दौरान शवों को लेकर आए परिजनों का विलाप खुशी के माहौल को खराब कर देता है। कभी कभी किसी कारण बस शवों को दो या तीन तीन दिन तक रखे रहने से आस पास के मकानों में रहने वाले लोग छतों का इस्तेमाल करने से भी परहेज करते है। साथ स्कूल जाने वाले बच्चों में भी डर का माहौल बना रहता है। मंदिर जाने वाली महिलाएं भी पोस्टमार्टम हाउस के बाहर अक्सर लगी भीड़ के कारण स्वयं को असहज महसूस करती है। इस प्रकार की विकराल स्थिति पिछले 15 वर्षों  से बनी हुई है।
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ज्ञापन में मोहल्लेवासियों ने घनी बस्ती के बीच स्थित मोर्चरी हाउस को स्थानांतरित करने की मांग की है। ज्ञापन में सुरेश कुमार चौरसिया, ओमप्रकाश, पूरन, हरदयाल, पवन सोनी, बृजेश कुमार, हरीराम रैकवार, महेंद्र रैकवार, मनोज चतुुुर्वेदी, रवि, पुष्पेंद्र, अनिल, सीताराम, दीनदयाल रैकवार, सुमित, रोहित साहू, दीपराज पांडेय, दिनेश कुमार, उमेश कुमार व जितेंद्र कुमार सहित युवा शक्ति के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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