मेडिकल कालेज में बुधवार की रात फिर जूनियर डाक्टर और तीमारदारों के बीच
संघर्ष हो गया। दोनों पक्षों में लाठी-डंडे चले और पथराव हुआ, जिससे
इमरजेंसी की एक्सरे मशीन क्षतिग्रस्त हो गई। सूचना पर पुलिस फोर्स और
मेडिकल कालेज के अधिकारी मौके पर पहुंचे। मामला फंसता देख कालेज प्रशासन
बैक फुट पर आ गया और मामला रफा दफा कर दिया।
मेडिकल कालेज की इमरजेंसी के बच्चा वार्ड में दतिया की एक बच्ची को उपचार के लिए भर्ती किया गया। बच्ची के पिता व बाबा ने इलाज में लापरवाही की शिकायत की तो एक डाक्टर ने अभद्रता कर दी। विरोध करने पर डाक्टर ने बच्ची के बाबा को चांटा मार दिया, जिससे परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए लोगों ने डाक्टर से हाथापाई कर दी। सूचना मिलने पर कुछ देर में काफी संख्या में जूनियर डाक्टर इमरजेंसी पहुंच गए और बच्ची के परिजनों से मारपीट करने लगे। इस नजारे को देख इमरजेंसी में भर्ती अन्य मरीजों के तीमारदार एकजुट हो गए और उन्होंने डाक्टरों की पिटाई शुरू कर दी। देखते ही देखते डाक्टर और तीमारदार ने मोर्चा बंदी कर ली और जमकर पथराव होने लगा। तीमारदारों के तेवर देख डाक्टर पीछे के रास्ते से भागे तो तीमारदारों ने पीछा करते हुए पथराव किया, जिससे इमरजेंसी की एक्सरे मशीन क्षतिग्रस्त हो गई।
इसकी सूचना मिलने पर पुलिस फोर्स और मेडिकल कालेज के प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पूरे मामले की जानकारी होने और तीमारदारों के तेवर देखकर मेडिकल कालेज प्रशासन बैक फुट पर आ गया।
सीएमएस डा. हरीशचंद्र आर्या ने बताया कि बच्चा वार्ड में रोगियों के साथ तीन-तीन चार-चार तीमारदार होने पर डाक्टर ने जब उन्हें बाहर करने का प्रयास किया तो विवाद हो गया। मारपीट के दौरान तीमारदारों ने पथराव किया जिससे इमरजेंसी की एक्सरे मशीन टूट गई है। उन्होंने बताया कि मामला रफादफा हो गया जिसकी वजह से पुलिस से शिकायत नहीं की गई है।