अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शादियों का सीजन शुरू होते ही सबसे पहले जो बात दिमाग में आती है, वह है परिधान। ऐसे में बाजार में भी दूल्हा-दुल्हन से लेकर सभी नाते-रिश्तेदारों के लिए तमाम तरह के परिधान चलन में हैं।
बराती हो या घराती, लेनदेन के रिवाजों से लेकर खुद को सुंदर दिखाने के लिए लोग सुंदर से सुंदर परिधान खरीदने के लिए बाजार का रुख करते हैं। इस समय मैचिंग ड्रेस कपल की सबसे ज्यादा डिमांड है। अधिकांश दूल्हा-दुल्हन सगाई और शादी में एक ही रंग-ढंग के कपड़े पहन रहे हैं। वहीं, परिजन भी जयपुरिया सूट, कोट-पैंट, साड़ी, सफारी सूट, लहंगा, इंडो वेस्टर्न साड़ी, गाउन साड़ी, स्कर्ट स्टाइल साड़ी आदि पसंद कर रहे हैं। कपड़ा दुकानदारों का कहना है कि शादियों में कुछ जोड़े अपनी पसंद के कपड़े भी डिजाइन करवा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने दो-दो माह पहले से बुकिंग करवाई हुई है।
दूल्हे के नाम की चुनरी का चलन
दुल्हन लहंगे के साथ दूल्हे के नाम की चुनरी पसंद कर रही हैं। इसको पहले से बनवाना पड़ता है। इसलिए महिलाएं इसके लिए पहले से ऑर्डर देकर इन चुनरियों को नेट के कपड़े और सिल्क कपड़ों में बनवा रही हैं। इनकी कीमत बाजार में पांच सौ से पांच हजार रुपये तक है।
ये हैं विशेष परिधान
ब्राइडल लहंगा - 7 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक
गर्लिश लहंगा - 5 हजार से 15 हजार रुपये तक
वाराणसी साड़ियां - 3 हजार से 20 हजार रुपये तक
सफारी सूट - दो हजार से 20 हजार रुपये तक
शेरवानी - 6 हजार से 80 हजार रुपये तक
कुर्ता-पजामा - एक हजार से 5 हजार रुपये तक
पेंट-शर्ट - एक हजार से 8 हजार रुपये तक
वर्जन
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इस समय बैंगनी कलर का ट्रेंड ज्यादा चल रहा है, महिलाएं लहंगा और साड़ी में इस रंग को पसंद कर रही हैं। वहीं, लहंगे का तो हमेशा से ही क्रेज रहा है। - नंदकिशोर गुप्ता, कपड़ा दुकानदार
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- दूल्हे के लिए शेरवानी और सफारी सूट तो हमेशा से ही रहा है। अब मेहंदी और हल्दी के लिए भी अलग-अलग कपड़ों और मैचिंग के कपड़ों की डिमांड बढ़ रही है। - मनीष रावत, कपड़ा दुकानदार