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होली पर घर पहुंचने की जल्दी, इंटरसिटी, ताज और पैसेंजर ट्रेनों में नहीं रही पैर रखने की जगह

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प्लेटफार्म न.6 पर ट्रेन मे चढने की कोशिश करते यात्री।
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झांसी। सोमवार को सुबह से ही रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ रही। सभी को होली पर घर पहुंचने की जल्दी दिखाई दी। खासकर झांसी लखनऊ इंटरसिटी, ताज एक्सप्रेस और सुबह के वक्त जाने वाली पैसेंजर ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं रही। जनरल टिकट काउंटरों पर भी यात्रियों की लंबी कतारें लगीं रहीं। इससे यात्री परेशान रहे।
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बुंदेलखंड के हजारों लोग दूसरे शहरों में काम करते हैं। होली का त्योहार अपने घरों में मनाने के लिए सोमवार को हजारों लोग अलग-अलग ट्रेनों से झांसी आए। यही स्थिति लौटने वालों की भी थी। सुबह से ही ट्रेनों में भीड़ रही। इस कारण टिकट के लिए यात्रियों को आधे से एक घंटे तक लाइन में लगना पड़ा। सोमवार को झांसी लखनऊ इंटरसिटी, झांसी-बांदा पैसेंजर, झांसी- कानपुर पैसेंजर, झांसी- इलाहाबाद पैसेंजर बुंदेलखंड एक्सप्रेस, महाकौशल एक्सप्रेस, यूपी संपर्क क्रांति, मालवा एक्सप्रेस, राप्ती सागर एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक-लखनऊ एक्सप्रेस, पुष्पक एक्सप्रेस, स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस, केरला एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, पंजाब मेल, पठानकोट एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस आदि ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं रही। इस दौरान रेल प्रशासन की ओर से कोई अतिरिक्त इंतजाम न होने के कारण यात्रियों को खासी परेशानी उठानी पड़ी।
एक काउंटर कम होने से बढ़ी परेशानी
झांसी रेलवे स्टेशन पर तत्काल आरक्षण के लिए पहले पांच काउंटर थे, मगर एक लिंक सेना को देने के कारण चार ही काउंटर बचे हैं। इसमें भी कभी तीन तो कभी चार काउंटर ही खोले जा रहे हैं। इनमें एक नंबर काउंटर सांसद, विधायक, पत्रकार, अधिवक्ता, वरिष्ठ नागरिक व महिलाओं के लिए है। बाकी तीन काउंटरों पर भीड़ लगी रहती है। यात्रियों को मालूम है कि सुबह दस और ग्यारह बजे तत्काल टिकट प्रक्रिया चालू होने के दो मिनट बाद ही सभी सीटें भर जाती हैं। ऐसे में कर्मचारी चाहे जितनी तेजी से टिकट बनाएं और पैसा लें, लेकिन दो मिनट में तीन या चार से अधिक टिकट नहीं बनाए जा सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति लाइन में लगा और चौथे या पांचवें नंबर का टोकन उसे मिला तो भी उसे तत्काल का कन्फर्म टिकट मिलने की बहुत कम उम्मीद रहती है।
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बरौनी मेल की खली कमी
मरम्मत कार्य के चलते ग्वालियर से बरौनी के बीच चलने वाली ग्वालियर बरौनी मेल सोमवार व गुुरुवार को निरस्त चल रही है। इस ट्रेन में कानपुर, लखनऊ व गोरखपुर की तरफ जाने के लिए कंफर्म सीट आराम से मिल जाती हैं। सोमवार को यह ट्रेन उपलब्ध न होने के कारण यात्री बेहद परेशान रहे। उनको दूसरी ट्रेनों में धक्के खाने पड़े।
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