ललितपुर पावर स्टेशन से विद्युत निकासी हेतु निर्माणाधीन 132 केवी इंटर कनेक्टर ट्रांसमिशन लाइन का शनिवार को उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक (ट्रांसको) विशाल चौहान व निदेशक (आपरेशन) शतांशु अग्रवाल ने निरीक्षण किया। उन्होंने भगवंतपुरा से पारीछा तक कई स्थानों पर लाइन को देखा।
इस दौरान प्रबंध निदेशक ने अधीनस्थ अफसरों को 132 केवी लाइन का कार्य हर हाल में बीस अगस्त तक पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि उक्त लाइन के पूर्ण होने से लगभग 100 मेगावाट ऊर्जा की निकासी शीघ्र की जा सके। तदुपरांत उन्होेंने 220 केवी झांसी- ललितपुर लाइन प्रथम सर्किट के बेतवा नदी क्रासिंग के पास टूटे तारों का निरीक्षण किया व उन्हें चार दिन में दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने निर्माणाधीन 400 केवी उपकेंद्र उरई एवं सोलर ऊर्जा प्लांट कालपी की संबंधित लाइन का निरीक्षण किया। निर्माणाधीन उपकेंद्रों एवं संबंधित लाइनों की कार्य प्रगति की गहन समीक्षा की। अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को समय से कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता (ट्रांसमिशन दक्षिण, आगरा) अशोक सक्सेना, अधीक्षण अभियंता बी एस त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता संदीप कुशवाहा आदि अधिकारी मौजूद थे।
झांसी को मिलेगी 100 मेगावाट बिजली
उपखंड अधिकारी ट्रांसमिशन रविकांत वर्मा के अनुसार अभी पारीछा पावर हाउस से आने वाले 132 केवी के दो सर्किटों की मदद से झांसी व ललितपुर जनपद को बिजली दी जाती है। ललितपुर जाने वाली 132 केवी लाइन हंसारी पावर हाउस होकर जाती है। ललितपुर में बजाज पावर प्लांट से सौ मेगावाट बिजली लेने के लिए ललितपुर के कल्याणपुरा में 220 केवी बिजली घर का निर्माण किया गया है। 220 केवी कल्याणपुरा बिजली घर से 132 केवी सब स्टेशन ललितपुर को बिजली मिलेगी। इसके बाद ललितपुर 132 केवी सब स्टेशन से 132 केवी हंसारी पावर हाउस को बिजली आएगी। तत्पश्चात पारीछा की तरह ललितपुर से भी झांसी को बिजली मिलने लगेगी। यह बिजली ललितपुर व झांसी के मध्य पड़ी 132 केवी की पुरानी लाइन से ही आएगी। इसी लाइन का शनिवार को निरीक्षण किया गया।