झांसी। लॉकडाउन में प्रदेश की कंपनियों के वर्कशॉप बंद होने से ट्रांसफार्मरों का टोटा पड़ सकता है। वर्तमान में बिजली विभाग अपने ही वर्कशॉप पर निर्भर हैं। अगर गर्मी में ज्यादा संख्या में ट्रांसफार्मर फुुंकते हैं तो हालात बिगड़ सकते हैं। हालांकि, झांसी बिजली स्टोर के पास वर्तमान में अलग- अलग भार के 130 ट्रांसफार्मर उपलब्ध हैं।
गर्मियों में ट्रांसफार्मरों का धड़ाधड़ फुंकना शुरू हो जाता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में कम क्षमता के ट्रांसफार्मर लगे होने के कारण वे ओवर लोड होते ही खराब हो जाते हैं। पिछले साल के आंकड़ों पर गौर करें तो मार्च से लेकर जून तक 40 हजार से अधिक ट्रांसफार्मर पूरे प्रदेश में फुंक गए थे। इस साल मार्च से अभी तक दस हजार ट्रांसफार्मर फुुंक चुके हैं। चूंकि, लॉकडाउन के कारण प्रदेश में कानपुर, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़, मथुरा आदि स्थानों पर स्थित प्राइवेट कंपनियों ने ट्रांसफार्मरों को सुधारने का काम बंद कर रखा है। इस कारण कई जगह ट्रांसफार्मरों की समस्या खड़ी होने लगी है। इस समय केवल विभाग के वर्कशापों में ही ट्रांसफार्मर दुरुस्त हो पा रहे हैं। अगर ऐसे ही हालत बने रहे तो जल्द ही प्रदेश में ट्रांसफार्मरों का टोटा होने लगेगा। इस संबंध में मुख्य अभियंता (वितरण) मनोज कुमार पाठक ने बताया कि झांसी मंडल में ट्रांसफार्मरों की कमी न पड़ सके, इसकी बराबर निगरानी की जा रही है।
झांसी स्टोर में उपलब्ध हैं 130 ट्रांसफार्मर
बिजली विभाग झांसी स्थित वर्कशॉप में लगातार ट्रांसफार्मरों की मरम्मत का काम कर रहा है। यहां हर महीने तीन सौ ट्रांसफार्मरों की मरम्मत की जा रही है। वर्तमान में विद्युत स्टोर में 10 केवीए 20, 16 केवीए के 10, 25 केवीए के 35, 63 केवीए के 35, 100 केवीए के 10, 160 केवीए के पांच, 250 केवीए के पांच, 400 केवीए के आठ, 630 केवीए के तीन व एक एमवीए के दो ट्रांसफार्मर उपलब्ध हैं।
24 घंटे में बदलना चाहिए ट्रांसफार्मर
शासन ने शहरी क्षेत्रों में 24 और ग्रामीण में 48 घंटे में ट्रांसफार्मर बदलने के आदेश दे रखे हैं। ट्रांसफार्मर फुंकने की सूचना हेल्पलाइन नंबर 1912 या संबंधित सबस्टेशन व जेई को दे सकते हैं। यह नंबर आगरा कंट्रोल रूम से जुड़ा है। इस नंबर पर शिकायत करने पर कनेक्शन नंबर और अन्य जानकारियां दर्ज कर ली जाती हैं। कंट्रोल रूम से शिकायत की जानकारी संबंधित क्षेत्र के अवर अभियंता और ट्रांसफार्मर स्टोर को दी जाती है। सूचना पर अवर अभियंता ट्रांसफार्मर की जांच करा लेते हैं और खराब होने पर उसे बदलने की कार्रवाई शुरू हो जाती है।