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स्टेशन चकाचक पर ट्रेनों का है बुरा हाल

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झांसी। वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई स्टेशन पर साफ-सफाई की व्यवस्था तो चकाचक नजर आती है, लेकिन ट्रेनों का बुरा हाल है। खासतौर पर कम दूरी की गाड़ियों को रेल प्रशासन की ओर से नजरअंदाज किया जा रहा है। बुधवार को अमर उजाला टीम ने इसकी पड़ताल की तो बदहाल तस्वीर सामने आई।
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एक ओर रेल प्रशासन द्वारा लगातार यात्री सुविधाओं में इजाफा किया जा रहा है। स्टेशन पर नई लिफ्ट लगाई जा रही है। फुट ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं। साफ-सफाई की स्थिति में भी वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन की स्थिति बेहतर है। लेकिन, ट्रेनों का हाल खराब है। कुछ माह पहले ही शुरू हुई मेमो ट्रेन तक अनदेखी की शिकार बनी हुईं हैं। बुधवार को अमर उजाला की टीम ने शाम साढ़े पांच बजे झांसी से बांदा जाने वाली मेमो ट्रेन की साफ-सफाई व्यवस्था परखी। सीटों के इर्दगिर्द गंदगी फैली हुई थी। शौचालयों का तो और भी बुरा हाल मिला। शौचालयों में लगे नलों की टोंटियां गायब थी, जिससे पानी नहीं आ रहा था। वॉश बेसिन के नल भी गायब थे। इस अव्यवस्था से रेल यात्री परेशान नजर आ रहे थे। कई यात्रियों ने बताया कि वो नियमित रूप से मेमो में सफर करते हैं। हर समय इन्हीं अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ता है।
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ट्रेन में हाथ धोने तक के लिए पानी की व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा गंदगी भी बहुत है। रेलवे को ध्यान देना चाहिए।
- रामदयाल
मेमो ट्रेन से आना जाना लगा रहता है। हर समय यही स्थिति देखने को मिलती है। जबकि, शुरुआत में इस ट्रेन में अच्छी सुविधाएं थीं।
- खेमराज
ट्रेन बहुत अच्छी है, लेकिन देखरेख न होने की वजह से स्थिति खराब हो गई है। हालात ये हैं कि सफाई तक नहीं कराई जाती है।
- अनुसूइया
रेलवे किराया तो पूरा ले रहा है, लेकिन साफ-सफाई और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दे रहा है। इस पर ध्यान देना चाहिए।
- सुरेश रायकवार
सफाई व्यवस्था का पूरा ध्यान दिया जा रहा है। ट्रेनों में भी नियमित सफाई हो रही है। मेमो में जो कमियां हैं, उन्हें तत्काल दुरुस्त कराया जाएगा।
- मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी - रेलवे
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