झांसी। मेजर ध्यानचंद स्टेडियम स्थित स्वीमिंग पूल में तैराकी का प्रशिक्षण देने के लिए तीन ट्रेनरों की तैनाती गई है। लेकिन स्टेडियम प्रबंधन की नियमित निगरानी नहीं होने के कारण तीन में से दो प्रशिक्षक अक्सर नदारद रहते हैं। स्टेडियम के क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी से कई बार इसकी शिकायतें की गईं लेकिन कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। ऐसे में पूल में कभी भी हादसा हो सकता है।
मेजर ध्यानचंद स्टेडियम के स्वीमिंग पूल में तैराकी के प्रशिक्षण के लिए 400 से अधिक लोगों ने आवेदन किया है। इनमें बच्चों की संख्या अधिक है। स्टेडियम स्थित स्वीमिंग पूल में दो स्वीमिंग टैंक बने हुए हैं। इनमें से एक की गहराई सात फीट से अधिक है। निगरानी और प्रशिक्षक के तौर पर तीन प्रशिक्षकों की तैनाती गई है। इसके एवज में इनको मानदेय तय किया गया है। लेकिन अक्सर दो प्रशिक्षक नदारद रहते हैं। जिसके चलते किसी भी वक्त बड़ा हादसे में तब्दील हो सकता है। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी सुरेश बोनकर ने बताया कि प्रशिक्षण के समय तीनों ही ट्रेनरों को मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। यदि दो ट्रेनर गायब रहते हैं तो इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
स्वीमिंग पूल में शाम छह से सात बजे तक महिलाओं के प्रशिक्षण का समय तय किया गया है। लेकिन महिलाओं को प्रशिक्षण देने के लिए किसी भी महिला ट्रेनर की तैनाती नहीं की गई है।