शुक्रवार को धूप तो निकली लेकिन ट्रेनें अपनी गति नहीं पकड़ सकीं। दिल्ली से आने वाली ट्रेनें काफी लेट रहीं। सुबह छह बजे जाने वाली झांसी-लखनऊ इंटरसिटी ग्यारह घंटे देरी से रवाना हुई। अटारी जबलपुर एक्सप्रेस 30 घंटे लेट आई। ज्यादातर ट्रेनेें तीन से पंद्रह घंटे तक की देरी से झांसी आईं तो कई के रवाना होने का समय बदला गया। इस कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पिछले दो दिनों की तरह शुक्रवार की सुबह घना कोहरा नहीं था। धूप भी जल्दी खिल गई, लेकिन इसका फायदा रेल संचालन को नहीं मिल सका। दरअसल, पिछले दो दिनों से अधिकांश ट्रेनों का समय बिगड़ चुका है। इस कारण ट्रेनें अपने आरंभिक स्टेशन से समय पर नहीं चल पा रही है। हबीबगंज से नई दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस बृहस्पतिवार की रात दो बजे दिल्ली पहुंच सकी। इस कारण यह गाड़ी दिल्ली से दो घंटे देरी से चल सकी। झांसी आने तक ट्रेन साढ़े तीन घंटे लेट हो गई। इसी तरह दिल्ली से आने वाली ताज एक्सप्रेस पांच घंटे देरी से आईं। झांसी से सुबह छह बजे कानपुर की तरफ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस शुक्रवार को अपने निर्धारित समय से 13 घंटे देरी से रवाना हुई। इस कारण अधिकांश यात्रियों को अपने टिकट निरस्त कराने पड़े। रेल प्रशासन को यह फैसला लखनऊ से इंटरसिटी के 14 घंटे लेट आने के कारण लेना पड़ा। ट्रेनों की लेटलतीफी में वेटिंग रूम, पैसेंजर हॉल, प्लेटफार्म व परिसर यात्रियों से ठसाठस भरे रहे।
लेट गाड़ियां
दिल्ली की तरफ से रात के समय आने वाली 12190 अप महाकौशल एक्सप्रेस 15 घंटे, 12616 अप जीटी एक्सप्रेस 12 घंटे, 12156 अप हबीबगंज एक्सप्रेस नौ घंटे, 12920 अप मालवा एक्सप्रेस 8 घंटे, 12628 अप कर्नाटक एक्सप्रेस नौ घंटे, 11058 पठानकोट एक्सप्रेस 10 घंटे, 12622 तमिलनाडु एक्सप्रेस 11 घंटे, 14624 पातालकोट एक्सप्रेस 19 घंटे, 12138 अप पंजाब मेल पांच घंटे, 12724 तेलंगाना एक्सप्रेस 16 घंटे देरी से आई। इसी तरह भोपाल, इलाहाबाद और कानपुर की तरफ से आने वाली 11108 बुंदेलखंड एक्सप्रेस, 12807 समता एक्सप्रेस चार घंटे, 11079 तुलसी एक्सप्रेस तीन घंटे, 11016 कुशीनगर एक्सप्रेस छह घंटे, 12409 गोंडवाना एक्सप्रेस 17 घंटे, 12715 सचखंड एक्सप्रेस 12 घंटे, 12137 पंजाब मेल तीन घंटे, 12447 यूपी संपर्क क्रांति 18 घंटे देरी से आई।