झांसी। हेलमेट को लेकर अभी तक की गई कोशिशें नाकाम ही साबित हुई हैं, न तो पुलिस चेकिंग अभियान चला रही है और न ही दोपहिया वाहन चालक हेलमेट पहनने को तैयार हैं।
जब भी नये पुलिस कप्तान आते हैं तो शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार का वायदा और हेलमेट को लेकर सख्त अभियान चलाने का आदेश जरूर किया जाता है, जो दो-तीन दिन के बाद हवा हवाई हो जाते हैं। एक पखवाड़ा पहले मनोज तिवारी ने एसएसपी का पद संभाला तो उन्होंने भी एसपी सिटी गरिमा सिंह और एसपी देहात दिनेश सिंह को तत्काल प्रभाव से हेलमेट को लेकर अभियान चलाने के आदेश दिए।
उन्होंने याद भी दिलाया कि सड़क हादसों में हेलमेट नहीं पहनने की वजह से सबसे ज्यादा मौतें होती हैं। यही नहीं, एक कदम आगे बढ़कर एसएसपी ने कहा था कि तुरंत पुलिस लाइन, कार्यालय व थानों के अंदर बिना हेलमेट दोपहिया वाहनों का प्रवेश वर्जित किया जाए। 24 घंटे बाद एसपी सिटी व एसपी देहात ने कहा कि अभियान को रणनीति बनाकर चलाया जाएगा, ताकि सफलता हासिल मिल सके।
इसके बाद सिर्फ ट्रैफिक पुलिस ने तीन-चार दिन चेकिंग अभियान चलाया। थानों की पुलिस इस अभियान को लेकर उदासीन नजर आ रही है। ट्रैफिक पुलिस के अभियान के दौरान लोग हेलमेट लगाकर वाहन चलाते दिखे। जैसे ही अभियान बंद हुआ वैसे ही लोग पूर्व की स्थिति में नजर आने लगे हैं।