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‘ट्रैकर’ रोकेगी ‘कोख में कत्ल’

Fri, 28 Aug 2015 11:27 PM IST
झांसी/ ब्यूरो
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‘कोख में कत्ल’ की रोकथाम को स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने विशेष पहल करते हुए संयुक्त कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत सभी अल्ट्रासाउंड केन्द्रों की मशीनों पर एक खास डिवाइस लगाई जाएगी। यह डिवाइस अल्ट्रासाउंड मशीन की हर गतिविधि पर नजर रखेगी। इसकी मदद से लिंग की जांच करने और कराने वालों पर शिकंजा कसा जा सकेगा।
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अल्ट्रासाउंड मशीन पर लगने वाली डिवाइस को ‘ट्रैकर’ नाम दिया गया है। डिवाइस दो साल तक के रिकॉर्ड को अपने पास सुरक्षित रख सकेगी। डिवाइस को सर्वर से जोड़ने के बाद डीएम और सीएमओ कार्यालय में कंप्यूटर मॉनीटर लगाया जाएगा, इससे जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग किसी भी समय ‘ट्रैकर’ के जरिए अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर होने वाली हर जांच की निगरानी कर सकेंगे। इस दौरान यदि किसी भी केंद्र में भ्रूण के लिंग की जांच होती है, तो मशीन के प्रोप की स्थिति का मूल्यांकन कर इसका पता लगाया जा सकेगा और ऐसा करने पर केंद्र संचालक व जांच कराने वाले दंपति गिरफ्त में होंगे। वहीं, कोई गर्भवती महिला जांच कराने आती है, तो उसकी जानकारी संबंधित क्षेत्र की एएनएम को दी जाएगी। इसके बाद लगातार फालोअप के जरिए पता लगाया जाएगा कि उसने कहीं गर्भपात तो नहीं करा लिया। झांसी की सलाहकार समिति ने इस प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विनोद कुमार यादव ने बताया कि अभी प्रदेश के किसी जिले में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। लड़के, लड़कियों के लिंगानुपात समान करने के लिए डीएम के सहयोग से झांसी में यह व्यवस्था शुरू होने जा रही है। योजना के नोडल प्रभारी डा. सुधीर कुलश्रेष्ठ को एक माह में सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों में डिवाइस लगाने के निर्देश दे दिए गए हैं। चार सितंबर को इसके लिए टेंडर निकाले जाएंगे।  

साढ़े सात लाख में लगेगा सिस्टम
सर्वर सिस्टम लगाने के लिए करीब साढ़े सात लाख रुपये खर्चा आएगा। वहीं, डिवाइस के लिए अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालकों से 32-32 हजार रुपये लिए जाएंगे। टेंडर प्रक्रिया में जो संचालक शामिल नहीं होगा उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
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