झांसी। रानी का ऐतिहासिक किला देखने आने वाले पर्यटक अपना अधिक से अधिक समय यहां गुजारें, इसके इंतजाम किए जा रहे हैं। किले की तलहटी को ‘टूरिस्ट जोन’ के रूप में विकसित करने की योजना है। इस दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसमें लोक कला संस्कृति के रंग भी देखने को मिलेें। हस्तशिल्पियों के उत्पादों की बिक्री के लिए अरबन हाट का काम भी अंतिम दौर में है। क्राफ्ट मेला ग्राउंड में फूड चौपाटी बनाने की योजना है। यानी कि यहां आने वाले पर्यटक किले के इर्दगिर्द घंटों गुजार सकेंगे। वे यहां सैर सपाटा कर सकेंगे, साथ ही जायके का भी मजा लेंगे। उनके मनोरंजन का भी इंतजाम रहेगा।
आधुनिक सभागार में फूलेगी लोक संस्कृति
आने वाले दिनों में रानी का ऐतिहासिक किला देखने आने वाले पर्यटकों को बुंदेलखंड की संस्कृति के भी दीदार होंगे। जी हां, पं. दीनदयाल उपाध्याय सभागार में प्रतिदिन लोक कला संस्कृति से जुड़े शो होंगे। सभागार में उच्च श्रेणी की सुविधाएं विकसित करने के साथ-साथ इस दिशा में भी काम शुरू कर दिया गया है।
दीनदयाल सभागार का निर्माण 1981 में हुआ था। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज के बाद ये शहर का दूसरा सभागार था। शहर के बीचों बीच होने की वजह से यहां सरकारी और गैर सरकारी कार्यक्रमों की अधिकता बनी रही लेकिन, नियमित देखरेख न होने की वजह से ये खस्ताहाल स्थिति में पहुंच गया था। लगभग बारह करोड़ की लागत से इसे अब विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। सभागार का अंदरूनी परिसर पूरी तरह से वातानुकूलित होगा। डॉल्बी साउंड सिस्टम रहेगा। मंच पर बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी। आरामदायक पुश बैक सीटें होंगी। हाइड्रोलिक पार्किंग की व्यवस्था होगी। सभागार तैयार होने के बाद स्थानीय सांस्कृतिक संस्थानों से अनुबंध किया जाएगा। सभागार में रोजाना लोक कला संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके नियमित शो होंगे, जिसका पर्यटक मजा ले सकेंगे। जबकि, कॉरिडोर में आर्ट गैलरी बनाई जाएगी।
अरबन हाट में होगी हस्तशिल्प
क्राफ्ट मेला ग्राउंड के पास अरबन हाट का काम पिछले चार सालों से रुका हुआ था, जिसे अब पूरा किया जा रहा है। संभावना है कि आगामी दो महीनों में हाट बनकर तैयार हो जाएगी। हाट में हस्तशिल्पियों को दुकानें आवंटित की जाएंगी, जिस पर वे अपने हस्तशिल्प उत्पादों को बेच सकेंगे। इसके अलावा अरबन हाट में ओपन थियेटर भी बनाया जा रहा है, जिसमें समय-समय पर सांस्कृतिक आयोजन होंगे।
क्राफ्ट मेला ग्राउंड में बनेगी फूड चौपाटी
क्राफ्ट मेला ग्राउंड का उपयोग साल में एक दो माह ही हो पाता है, जब वहां मेला लगता है। इसके बाद ये ग्राउंड खाली पड़ा रहता है, जिससे यहां गंदगी जमा रहती है। प्रशासन की इस मैदान में फूड चौपाटी विकसित करने की योजना है। पर्यटक व स्थानीय लोग यहां जाकर खानपान का मजा ले सकेंगे। चूंकि, मैदान काफी बड़ा है, ऐसे में लोगों को पार्किंग की भी परेशानी नहीं होगी।
वृंदावन पार्क का काम अंतिम दौर में
किले के नीचे बनाए जा रहे डा. वृंदावन लाल वर्मा पार्क का काम अंतिम दौर में पहुंच गया है। इसे प्राकृतिक रूप दिया जा रहा है। पार्क में पेड़ - पौधों की भरमार होगी। साथ ही योगा शेड का निर्माण किया जा रहा है। पांच आकर्षक फव्वारे, सेल्फी प्वाइंट, झूले भी होंगे।
पहले से भी गुलजार हैं पार्क
किले की तलहटी में रानी लक्ष्मीबाई पार्क और मैथिलीशरण गुप्त पार्क पहले से ही गुलजार है। साफ -सफाई और सुंदरता लोगों का ध्यान अपनी खींचती है। यही वजह है कि यहां दिन भर लोगों की भीड़ बनी रहती है। बारह से आने वाले पर्यटक भी इन पार्कों में समय गुजारते देखे जाते हैं। इसके अलावा यहां बना राजकीय संग्रहालय भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
पर्यटकों को रोकने के लिए जरूरी है कि उन्हें बेहतर से बेहतर सुविधाएं दी जाएं। साथ ही उनके सैर सपाटे के भी पूरे इंतजाम हों। इसी का ध्यान में रखते हुए किले के इर्दगिर्द के क्षेत्र को टूरिस्ट जोन के रूप में विकसित किया जा रहा है। अरबन हाट, दीनदयाल सभागार के काम तेजी से जारी हैं। वृंदावन लाल वर्मा पार्क में भी काम जारी है। आगामी दो - तीन महीनों में योजना मूर्त रूप ले लेगी।
- शिवसहाय अवस्थी, जिलाधिकारी