झांसी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की अधिसूचना जारी होने के साथ ही चुनावी सरगर्मी तेज हो गईं। झांसी जिले को 15 अप्रैल के पहले चरण के मतदान में शामिल किया गया है। चुनावी तारीख तय होने के साथ ही यहां नामांकन की तैयारी शुरू कर दी गई। तीन अप्रैल से नामांकन ब्लॉक एवं जिला मुख्यालय पर अलग-अलग पदों के लिए आरंभ हो जाएगा। शनिवार से सभी पदों के लिए नामांकन फार्मो की बिक्री भी शुरू कर दी जाएगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी आंद्रा वामसी के मुताबिक सभी ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य के नामांकन पत्रों का विक्रय, नामांकन पत्र दाखिल करने, उनकी स्कूटनी, उम्मीदवारी वापस लेने एवं चुनाव चिन्ह आवंटन का काम संबंधित विकासखंड मुख्यालय पर होगा। इन पदों की मतगणना एवं परिणाम की घोषणा भी ब्लॉक स्तर पर होगी। जबकि जिला पंचायत सदस्य के लिए नामांकन आदि का कार्य जिला मुख्यालय पर होंगे। जिपं सदस्यों के मतों की गणना विकासखंड के निर्धारित मतगणना स्थल पर होगी। परिणामों की घोषणा जिला पंचायत मुख्यालय पर की जाएगी। निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक इस दौरान पड़ने वाले सार्वजनिक अवकाश दिवसों पर चुनाव संबंधी कार्यालय खुले रहेंगे। समयसारिणी के मुताबिक वहां चुनावी प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
चुनाव के लिए तय समय-सारिणी
नामांकन- 3-4 अप्रैल सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक।
नामांकन पत्रों की स्कूटनी- 5-6 अप्रैल सुबह आठ से कार्य समाप्ति तक।
उम्मीदवारी वापस लेने की समयसीमा- 7 अप्रैल सुबह आठ बजे से दोपहर तीन बजे तक।
चिह्न आवंटन- 7 अप्रैल दोपहर तीन बजे से कार्य समाप्ति तक।
मतदान का दिन- 15 अप्रैल सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक।
मतगणना का दिन- 2 मई सुबह आठ बजे से कार्य समाप्ति तक।
लागू हो गई आर्दश्र आचार संहिता
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अधिसूचना जारी होते ही जनपद में आर्दश आचार संहिता लागू कर दी गई। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आईपीसी की धाराओं के आधार पर कार्रवाई होगी। इसको लेकर आयोग ने बीस पन्नों की आचार संहिता जारी की है। इसके मुताबिक सामान्य आचार संहिता समेत चुनाव प्रचार, सभा, जुलूस, मतदान दिवस पर उम्मीदवारों के व्यवहार के संबंध में विस्तृत निर्देश दिए हैं। सत्ताधारी दल के लिए अलग से दिशा-निर्देश दिए गए हैं। आचार संहिता के दौरान मंत्री शासकीय दौरे के समय चुनाव प्रचार कार्यों में हिस्सा नहीं लेंगे। आर्दश संहिता लागू होने के साथ ही जनपद में अब नई विकास योजनाओं को भी मंजूरी नहीं मिलेगी।