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स्टेशन पर बने रहे ‘कुंभ’ जैसे हालात

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jhansi railway station - फोटो : demo
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पुलिस भर्ती में शामिल होने आए युवाओं की भीड़ के कारण रविवार की तरह सोमवार को भी रेलवे स्टेशन पर कुंभ जैसे हालात बने रहे। सुबह छह बजे से रात 12 बजे तक चारों तरफ भीड़ ही भीड़ नजर आती रही। कानपुर और दिल्ली की तरफ जाने वाले ट्रेनों के स्लीपर कोच भी जनरल बने रहे। इस भीड़ को संभालने में जीआरपी और आरपीएफ के पसीने छूट गए। गनीमत रही कि कोई अप्रिय घटना नहीं हो सकी।
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पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा में 27 और 28 जनवरी को 50 हजार से अधिक युवा झांसी आए। सोमवार को दोपहर में पहली पाली की परीक्षा खत्म होते ही स्टेशन पर भीड़ जुटना शुरू हो गई। चूंकि, सोमवार को ग्वालियर से बरौनी जाने वाली छपरा मेल और दिल्ली की तरफ जाने वाली ताज एक्सप्रेस निरस्त थी, इस कारण युवा न तो शाम तक कानपुर की तरफ और न ही दिल्ली की तरफ रवाना हो सके। शाम तक सभी प्लेटफार्म, यात्री प्रतीक्षालय, वेटिंग रूम, रेलवे परिसर और यहां तक की सड़क तक सिर्फ युवा ही युवा दिखाई दे रहे थे।

कानपुर की तरफ जाने वाली साबरमती एक्सप्रेस के प्लेटफार्म पर आने से पूर्व ही युवा प्लेटफार्म और पटरियों की तरफ खड़े हो गए। ट्रेन के रुकते ही कोचों में घुसने के लिए मारामारी मच गई। देखते ही सभी स्लीपर कोचों की जनरल जैसे हालात बन गए। भीड़ को देख आरक्षित कोचों में यात्री सहम गए। उनको मजबूरन अपनी सीटों पर युवाओं को बैठाना पड़ा। कुछ लोग वातानुकूलित कोचों में भी घुस गए, जिनको आरपीएफ और जीआरपी मशक्कत के बाद बाहर कर सकी। कई यात्री जिनके कंफर्म टिकट थे, वह भी भीड़ के कारण कोच में नहीं चढ़ सके। टिकट चेकिंग स्टाफ भी उनकी कोई मदद नहीं कर सका। इस मारामारी के कारण ट्रेन विलंब से रवाना हो सकी। शताब्दी एक्सप्रेस के आने पर इसमें अनाधिकृत लोग सवार हो जाए, इसके लिए बार- बार उद्घोषणा होती रही। इसके बाद कुशीनगर एक्सप्रेस, पातालकोट एक्सप्रेस, मालवा एक्सप्रेस, सदर्न एक्सप्रेस, पठानकोट एक्सप्रेस में भी ऐसे ही हालत बने रहे।
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यात्री सुविधाएं चरमराईं
रेलवे स्टेशन पर दो दिन तक सभी यात्री सुविधाएं चरमराई रहीं। रेल प्रशासन या नगर निगम द्वारा कोई अतिरिक्त इंतजाम किए जाने से लोग आवश्यक निवृत्ति तक के लिए परेशान रहे। बुकिंग और आरक्षण काउंटरों पर लंबी- लंबी कतारें लगी रहीं। एस्केलेटर और लिफ्ट बंद कर दी गईं। स्टेशन के बाहर चाय और खानपान की दुकानें न होने से भी युवा बेहद परेशान रहे।
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