अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को पुलिस को चकमा देकर प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती के पुतले फूंके। आंदोलनकारियों ने प्रधानमंत्री पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
मोर्चा के कार्यकर्ता कचहरी चौराहा पर एकत्रित हुए। पुतला दहन करने की खबर पाकर बड़ी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंच गई। कचहरी चौराहा के आसपास चारों रास्तों को पुलिस ने घेर लिया। कुछ कर्मी सादा वर्दी में भी तैनात कर दिए गए। लेकिन, पुलिस की नजरों से बचते हुए कार्यकर्ताओं ने तीनों पुतलों को आग के हवाले कर दिया। मोर्चा अध्यक्ष भानु सहाय ने कहा कि बुंदेलखंड राज्य निर्माण करने का वायदा करने व उस वायदे से मुकर जाने के कारण बुंदेलखंड की जनता में आक्रोश है। जनप्रतिनिधियों से जनता का विश्वास उठता जा रहा है, क्योंकि बुंदेलखंड के मुद्दे को केवल चुनाव में वोट लेने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। तीन साल में वायदा पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन पांच साल बाद भी वायदा अधूरा है।
इस मौके पर वरुण अग्रवाल, रघुराज शर्मा, गिरजा शंकर राय, प्रदीप झा, मकबूल सिद्दीकी, अशोक सक्सेना, दिनेश भार्गव, हमीदा अंजुम, देवी सिंह कुशवाहा, रिजवाना गौरी, रामदास शाक्य, जाकिर खान, गोविंद सोनकर, आसिफ खान मौजूद रहे।
मोर्चा अध्यक्ष बाल- बाल बचे
पुतला दहन के दौरान आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच काफी समय तक रस्साकसी चलती रही। इस आपाधापी में बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानु सहाय के ऊपर मिट्टी का तेल गिर गया। इस पर पुलिस हरकत में आई और उन्हें तुरंग आग से दूर किया।