झांसी। पकड़े गए फर्जी शिक्षकों से पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में सामने आया कि इन सभी ने सात साल पहले शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन किया था, परंतु न्यायालय की रोक की वजह से इनकी भर्ती नहीं हो पाई थी। हाल ही में एक व्यक्ति इन पांचों के संपर्क में आया, जिसने इन सभी को भर्ती पर लगी रोक हटवाने का झांसा दिया। बदले में मोटी रकम वसूली और फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए। पुलिस झांसेबाज की तलाश में जुट गई है।
पुलिस पूछताछ में फर्जी शिक्षकों ने बताया कि उन्होंने साल 2015 में शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन किया था। कुछ अभ्यर्थियों की भर्ती हो गई थी, जबकि कई की नियुक्ति कानूनी दांव-पेच में फंसकर रह गई थी। एसएसपी शिवहरी मीणा ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। अब सरगना की तलाश की जा रही है।