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- ओडीओपी उत्पाद में कपड़ा कारोबार भी शामिल

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झांसी। एक जिला-एक उत्पाद योजना (ओडीओपी) में पहली बार अहम बदलाव किया गया है। झांसी के ओडीओपी प्रोडक्ट रूप में अब वस्त्र उद्योग को भी शामिल कर लिया गया है। शासन की हाई पावर कमेटी ने इस पर मुहर लगा दी है। इसके साथ ही जनपद में कपड़ा कारोबार बढ़ने की संभावनाएं नजर आने लगी हैं। इससे रोजगार भी बढ़ेंगे।
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स्थानीय कारोबारों को बढ़ावा देने के लिए 24 जनवरी 2018 को ओडीओपी योजना की शुरुआत की गई थी। तब झांसी के ओडीओपी उत्पाद के रूप में सॉफ्ट ट्वायज को शामिल किया गया था। तब से यही ओडीओपी उत्पाद बना हुआ है। लेकिन, किसी जमाने में झांसी की पहचान कपड़ा कारोबार भी हुआ करता था। रानीपुर में बनने वाले कपड़े की पूरे देश में अलग छाप थी। इसे ध्यान में रखते हुए लंबे समय से वस्त्र उद्योग को ओडीओपी योजना के सह उत्पाद बनाने की कोशिश की जा रही थी, जो अब जाकर रंग लाई है। शासन की हाई पावर कमेटी ने उद्योग विभाग के इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। इसके साथ ही अब झांसी का ओडीओपी प्रोडक्ट ‘सॉफ्ट ट्वायज एवं वस्त्र उत्पाद’ हो गया है।
अब इन्हें मिलेगा लाभ
झांसी। वस्त्र उत्पाद के ओडीओपी योजना में शामिल होने का लाभ कपड़ा बनाने वालों से लेकर बेचने वालों तक को मिलेगा। बुनकर से लेकर रेडीमेड कपड़ों के विक्रेता भी ओडीओपी योजना के तहत मिलने वाली रियायतों का लाभ उठा सकेंगे। यहां तक कि धागा बनाने वालों से लेकर धागा बेचने वाले तक ओडीओपी योजना के दायरे में आएंगे। कपड़ों से जुड़ा कोई भी कारोबार करने वाले इस योजना से लाभान्वित हो सकेंगे।
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कारोबारियों को कर्ज पर मिलेगी सब्सिडी
झांसी। कपड़ा कारोबार शुरू करने या पहले से जारी कारोबार को और बढ़ाने के लिए अब कारोबारियों को बैंकों से आसानी से कर्ज मिलेगा। डेढ़ करोड़ रुपये कर्ज पर उन्हें 20 फीसदी सब्सिडी सरकार की ओर से दी जाएगी। जबकि, इससे कम कर्ज पर 25 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी।
चार हजार बुनकर होंगे लाभान्वित
झांसी। जनपद के रानीपुर कस्बे में बड़े पैमाने पर कपड़ों का उत्पादन किया जाता है। यहां लगभग चार हजार हैंडलूम व पावरलूम हैं। घर-घर में पिछली कई पीढ़ियों से वस्त्र उत्पादन होता आ रहा है। हालांकि, अब यहां का वस्त्र उत्पादन गमछे-तौलिया व चादरों तक सिमट कर रहा गया है। जबकि, दो दशक पहले तक यहां शूटिंग-शर्टिंग तक का उत्पादन किया जाता था। आधुनिक मशीनरी के अभाव में यहां का यह कारोबार पिछड़ गया है। लेकिन, अब उम्मीद जगी है। वस्त्र कारोबार के ओडीओपी योजना में शामिल होने की वजह से यहां सरकार की ओर से कॉमन फेसिलिटी सेंटर (सीएफसी) स्थापित किए जाएंगे। सीएफसी में आधुनिक मशीनरी उपलब्ध रहेंगी, जिनका उपयोग बुनकर कर सकेंगे।
ओडीओपी योजना में वस्त्र उत्पाद को जोड़े जाने से झांसी में यह कारोबार नए आयाम छूएगा। इससे रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। इसी को ध्यान में रखते हुए शासन ने एक जिला एक उत्पाद योजना में झांसी जनपद में वस्त्र उत्पाद को भी शामिल किया है।
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- संजय गोयल, मंडलायुक्त
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