लहरगिर्द निवासी भागीरथ रायकवार (50) पुत्र गोविंद दास रायकवार नंदनपुरा में बिल्डिंग मटेरियल की दुकान चलाते थे। परिजनों ने बताया उनके हाथ-पांव में कंपन रहता था। इस वजह से चलते समय वह लड़खड़ाते थे। हाथ-पांव के कंपन और चलने में लड़खड़ाहट देख लोग धोखा खा जाते थे। अधिकांश लोग शराबी समझकर उनको दुत्कार देते थे। कुछ दिनों पहले सड़क पर गिरने के बाद वह उठ नहीं सके। सड़क पर गिरा देख लोगों ने उनको शराबी समझा। अपनी इस हालत एवं लोगों के तानों से भागीरथ दुखी रहते थे।
25 नवंबर को पड़ोस में स्थित मंदिर पर जाकर उन्होंने जहर निगल लिया। अचेत पड़े होने पर पुजारी ने परिजनों को बताया। उसके बाद परिजन उनको मेडिकल कॉलेज लेकर आए। उनको इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था। उनकी मौत से परिवार में मातम पसर गया। परिवार में बेटी और मां हैं। पत्नी उमा की पहले ही मौत हो चुकी।