संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ प्रशासन को ललितपुर से पानी मिलने का इंतजार करते हुए एक हफ्ता गुजर चुका है। लेकिन, अनुमति की प्रक्रिया लंबित चलने के कारण जमरार बांध से पानी नहीं छोड़ा जा सका। सोमवार को टीकमगढ़ नगर पालिका परिषद की टीम ने झांसी में अधीक्षण अभियंता सिंचाई निर्माण से मुलाकात करके पानी मिलने की प्रगति जानी। यहां जल्द अनुमति मिलने का भरोसा दिया गया।
जनपद से सटे मध्य प्रदेश के कुंडेश्वरनगर के पास पेयजल आपूर्ति करने वाले वरीघाट में जलस्तर कम होने के कारण टीकमगढ़ में पेयजल संकट है। वहां के कलेक्टर ने 24 मई को ललितपुर डीएम को पत्र लिखकर जामनी बांध से पानी छोड़ने की मांग की थी। जामनी बांध का जल स्तर कम होने के कारण यह संभव नहीं हुआ। 27 मई को टीकमगढ़ कलेक्टर ने पुन: पत्र भेजा और जमरार बांध से पानी छोड़ने की मांग रखी। पानी मांगने का पत्र सिंचाई विभाग ने मुख्य अभियंता को भेजा था। यूपी-एमपी का मामला होने के चलते शासन स्तर से सिंचाई विभाग ने अनुमति मांगी।
जमरार बांध से पानी छोड़ने की प्रक्रिया में देरी के चलते वरीघाट स्थित पानी का जलस्तर लगातार कम होता जा रहा है और टीकमगढ़ नगरवासियों को पेयजल का संकट झेलना पड़ रहा है। ललितपुर सिंचाई विभाग जमरार बांध से पानी छाेड़ने को लेकर शासन स्तर से अनुमति मिलने के इंतजार में है। अधिकारियों के अनुसार जैसे ही अनुमति मिलेगी, पानी छोड़ा जाएगा। सोमवार को टीकमगढ़ नगर पालिका परिषद की सीएमओ गीता मांझी के नेतृत्व में टीम ने झांसी में अधीक्षण अभियंता सिंचाई से मुलाकात कर पानी मिलने की प्रगति के बारे में जानकारी ली।
टीकमगढ़ को जमरार बांध से पानी देने के लिए अनुमति शासन स्तर से मिलनी है। इसकी प्रक्रिया चल रही है। एक-दो दिन में अनुमति मिलने की उम्मीद है।
इं. शीलचंद उपाध्याय, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई निर्माण मंडल झांसी