झांसी। रबी सीजन के दौरान गेहूं खरीद में इस बार नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। अभी तक फसल बेचने को किसानों को पोर्टल पर सिर्फ रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी था लेकिन, अब उनको खरीद केंद्र पर अंगूठा लगाने भी आना पड़ेगा। सरकार का दावा है इससे बिचौलियों को रोका जा सकेगा वहीं, किसानों को इससे परेशानी होने की बात कही जा रही है।
नए कृषि कानून लागू होने के बाद पहली बार रबी खरीद होगी। सरकार ने इसको लेकर तैयारियां आरंभ कर दीं हैं। सरकारी केंद्रों में उपज बेचने के लिए किसानों को पहले की तरह पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा लेकिन, नई व्यवस्था के तहत खरीद केंद्रों में पॉश मशीनें भी लगाई जाएंगी। उपज बेचने को आने वाले किसानों को सबसे पहले अंगूठा लगाना होगा। खसरा-खतौनी संग अंगूठा के निशान के मिलान के बाद किसानों को टोकन मिलेगा। उसके अनुसार वह अपनी उपज बेंच सकेंगे। केंद्र सरकार की मदद से इन पॉश मशीनों की खरीद होगी। पीएनबी के माध्यम से इन मशीनों की खरीद की जानी है। अफसरों का कहना है इसके जरिए बिचौलियों को रोका जा सकेगा वहीं, इससे किसानों के सामने परेशानी आने की बात कही जा रही। जानकारों का कहना है कि अधिकांश किसानों के अंगूठे के निशान मिट जाते हैं। ऐसे में उनको उपज बेचने में परेशानी होगी। जिन वृद्घ किसानों के नाम जमीन है, उनको भी खरीद केंद्र के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ेगा। वहीं, आरएफसी नरेंद्र कुमार का कहना है कि अभी यह मामला शासन स्तर पर है। निर्णय होने पर मशीनें लगाई जाएंगी। अभी जनपद में सिर्फ खरीद की समय-सारणी के बारे में बताया गया है।
10 से होगा गेहूं उत्पादन का सर्वेक्षण
रबी खरीद के लिए तयशुदा समयसारिणी के मुताबिक 10 फरवरी से गेहूं उत्पादन का सर्वेक्षण कार्य शुरू होगा। 1 मार्च से किसानों का पंजीकरण आरंभ होगा। 25 मार्च तक क्रय केंद्र चयनित हो जाएंगे। 25 मार्च तक सभी क्रय केंद्र संचालित कर दिए जाएंगे।