आठ साल पहले जबरन घर में घुसकर युवक ने किया था छेड़छाड, न्यायालय ने 10,000 का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। आठ साल पहले जबरन घर में घुसकर छात्रा से छेड़खानी करने के मामले में दोषी सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) मोहम्मद नेयाज मंसूरी ने संजू अहिरवार को तीन साल की जेल और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
थाना उल्दन में 12 नवंबर 2018 को पीड़ित ने थाने में शिकायती पत्र दिया था। इसमें बताया था कि उसकी 14 साल की बेटी 10वीं की छात्रा है। वह अपनी बहन के साथ स्कूल से लौटी और दोनों अलग-अलग कमरे में कपड़े बदल रही थीं। दोपहर करीब दो बजे गांव का रहने वाला संजू अहिरवार घर में घुस आया और उसकी बेटी से छेड़खानी करने लगा। उसने विरोध किया तो वह बेटी का मुंह बंद करने का प्रयास किया लेकिन शोर मचाने पर उसकी बहन भाग कर कमरे में आई। उसे देख संजू मौके से भाग गया।
अगले दिन शिकायत पर पुलिस ने छेड़खानी, घर में जबरन घुसने और पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली। अदालत में गवाहों के बयान और साक्ष्य के आधार पर दोष सिद्ध होने पर न्यायाधीश ने युवक को विभिन्न धाराओं में तीन-तीन साल की जेल की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी और कुल 10,000 रुपये अर्थदंड देना होना। अर्थदंड की राशि अदा न करने पर दो माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई।