झांसी। घरों से कूड़ा उठाने को तय किए गए यूजर चार्ज के लिए निगम प्रशासन ने सदन की इजाजत नहीं ली। नियमानुसार सदन में पास कराया जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं किया गया। अब पार्षद भी मुखर हो उठे। उन्होंने जल्द सदन की बैठक बुलाने की मांग की है।
नगर निगम ने डोर-टू-डोर कूड़ा उठवाने के यूजर चार्ज को 40 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति माह कर दिया लेकिन, अफसरों ने इसके लिए निगम सदन से इजाजत नहीं ली। उनका तर्क है चूंकि यह काम स्मार्ट सिटी मिशन से कराया जा रहा, इस वजह से इसकी जरुरत नहीं वहीं, पार्षदों का कहना है कि प्रावधानों के मुताबिक यूजर चार्ज तय करने से पहले निगम प्रशासन को बाकायदा प्रस्ताव तैयार करके इसे सदन में पेश करना चाहिए था। सदन की मंजूरी के बाद ही इसे लागू किया जाता। पार्षदों का तर्क है कि नगर निगम अधिनियम में सभी टैक्स एवं यूजर चार्ज तय करने का अधिकार सदन को है। अधिनियम की व्यवस्था के मुताबिक स्वच्छता संबंधी कर दो फीसदी से अधिक नहीं लिए जा सकते। यूजर चार्ज में बढ़ोत्तरी से यह सीमा भी बढ़ जाएगी। पार्षद भवनों के कारपेट एरिया के आधार पर इसका अलग स्लैब तय करने की मांग कर रहे हैं। कार्यकारिणी सदस्य विकास खत्री की अगुवाई में पार्षदों ने यूजर चार्ज समेत अन्य मामलों की चर्चा के लिए जल्द से जल्द सदन बुलाने की भी मांग महापौर से की है।
(फोटो लगा लें महापौर की)
इस संबंध में विधिक परामर्श लिया जा रहा है। कई विषयों पर चर्चा के लिए सदन की बैठक जल्द ही बुलाने की तैयारी की जा रही है। उसमें इस विषय पर भी चर्चा की जाएगी।
रामतीर्थ सिंघल, महापौर
- बिना कोई प्रस्ताव लाए यूजर चार्ज में अत्याधिक बढ़ोत्तरी कर दी गई। आम लोग यह पैसा नहीं दे पाएंगे। इस संबंध में प्रस्ताव सदन में लाया जाए
- महेश गौतम, कार्यकारिणी सदस्य
- यूजर चार्ज में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी की गई है। इस पर आपत्ति जताई गई है। सदन की सहमति से ही नया यूजर चार्ज तय किया जाना चाहिए
उमेश जोशी, पार्षद
स्मार्ट सिटी के एबीडी इलाके में कई इलाके ऐसे हैं जहां निम्न आय वर्ग के लोगों की संख्या अधिक है। इन सभी के लिए एक समान यूजर चार्ज तय कर दिया गया। इससे लोग कूड़ा उठवाने से परहेज करेंगे। सदन की सहमति से ही यूजर चार्ज तय किए जाएं
विकास खत्री, कार्यकारिणी सदस्य