संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। 30 अप्रैल से 31 मई तक चोरों ने ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाया। जीआरपी अब तक एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। सबसे बड़ी घटना आगरा कैंट-वीरांगना लक्ष्मीबाई पैसेंजर ट्रेन में हुई, जहां चोर लाखों के जेवरात चोरी कर ले गए। इसी प्रकार, एक ट्रेन में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बाद भी युवती का लैपटाॅप चोरी हो गया।
30 अप्रैल को प्रेमनगर के नयाखेड़ा निवासी रतनलाल अपनी पत्नी के साथ आगरा-झांसी के लिए यात्रा कर रहे थे। उनकी पत्नी बगल में बैग लिए बैठी थी। चोरों ने सोने के लाखों के आभूषण और 2500 रुपये नगद चोरी कर लिए थे। जीआरपी ने मामला दर्ज कर लिया था। इस घटना के बाद से पीड़ित लगातार चक्कर काट रहे हैं। इसके बाद भी पुलिस बस उन्हें आश्वासन देकर चलता कर दे रही है।
वहीं, 31 मई को ट्रेन 12172 रुड़की-लोकामान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस में रुड़की से कल्याण के लिए दीक्षा साहू सफर कर रही थीं। ट्रेन में दीक्षा की झपकी लग गई। डबरा के बाद देखा कि उसका लैपटॉप बैग और पर्स गायब था। पर्स में करीब चार हजार रुपये थे। झांसी स्टेशन पर मामला दर्ज कर लिया गया। इस ट्रेन के सभी कोच सीसीटीवी कैमरे से लैस हैं। फिर भी चोर चोरी करने में कामयाब हो गया।
इसी प्रकार, 19 मई को ठाणे के लिए यात्रा कर रहे एक यात्री का बैग चोरी हो गया था। उसमें रुपये व अन्य कीमती सामान था जो बबीना स्टेशन के पास यात्रा के दौरान चोरी हो गया था। ठाणे में जीआरपी ने चोरी का मामला दर्ज कर जांच के लिए रिपोर्ट को झांसी जीआरपी को स्थानांतरित की है। यात्रा के दौरान ट्रेन में जीआरपी का स्क्वॉयड था फिर भी चोर आसानी से घटना को अंजाम देने में कामयाब हो गए।
इस संबंध में जीआरपी इंस्पेक्टर वाईपी सिंह ने बताया कि घटनाओं के खुलासे के लिए टीमें गठित की गई हैं। आरोपियों की तलाश की जा रही है।