झांसी। विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर एक्ट, अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या छह पीठासीन अधिकारी ममता गुप्ता ने हत्या का दोष साबित होने पर तीन अभियुक्तों को दस-दस साल की सजा सुनाई है।
थाना बबीना के सफा गांव निवासी कोमल ने प्रेमनगर पुलिस को तहरीर देते हुए बताया था कि 19 अगस्त 2004 को वह अपने पिता नृपत के साथ हाट के मैदान में भूसा बेचने आए थे। दोपहर करीब एक बजे नयागांव तिराहा के पास गांव के रहने वाले हाकिम सिंह, मुकेश व धीरेंद्र मिल गए। पिता खड़े होकर बात करने लगे। वह आगे की तरफ पैदल निकल आया। इसी बीच पिता की आवाज सुनी। पीछे मुड़कर देखा तो तीनों पिता की लाठी-डंडों से पिटाई कर रहे थे। तीनों पिता को पीटकर भाग निकले। गंभीर हालत में पिता को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर ग्वालियर रेफर कर दिया था। ग्वालियर ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने तीनोें के खिलाफ धारा 304 में मामला दर्ज कर लिया था। विवेवना दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों पर गैंगेस्टर की भी कार्रवाई कर आरोप पत्र अदालत में पेश किया। मंगलवार को सुनवाई दौरान दोष सिद्ध होने पर अदालत ने तीनाें को दोषी मानते हुए दस-दस साल की सजा सुनाई।