झांसी। अपर जिला सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक कुलदीप कुमार की अदालत ने तीन हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
थाना उल्दन के ग्राम पलरा निवासी गनपत ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि उसके सबसे छोटे चाचा खलकदास के कोई औलाद नहीं थी, जिससे उन्होंने अपनी संपत्ति गनपत व उसके तीन भाइयों के नाम कर दी थी। इसी बात का लेकर मझले चाचा स्वामी प्रसाद के लड़के रंजिश रखने लगे थे।
गनपत ने बताया कि 29 मई 2010 को उसके बड़े भाई ललित किशोर गांव में ही राजू कुशवाहा के यहां दावत पर जा रहे थे। इसी दरम्यान रास्ते में स्वामी प्रसाद के पुत्र बालादीन, बृजलाल व कपूरचंद ने हमला बोल दिया। बालादीन ने पत्थर मारा, जिससे ललित किशोर घायल होकर गिर गया। जबकि, बृजलाल व कपूरचंद ने चाकू से गले पर हमला बोल दिया। इस हमले में ललित किशोर की मौके पर ही मौत हो गई।
अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद धारा 302/34 में तीनों हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 25-25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। वहीं, धारा 4/25 में बृजलाल व कपूर चंद को तीन-तीन वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई व एक-एक हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रामपाल गोस्वामी ने की।