अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। उल्दन में महिला से लूट करने वाले बदमाशों के साथ सोमवार तड़के पुलिस की मुठभेड़ हो गई। पुलिस की गोली लगने से तीन बदमाश घायल हो गए, जबकि दो ने समर्पण कर दिया। पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से तमंचा समेत लूट के जेवर भी बरामद हुए हैं।
एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया कि स्वॉट टीम को कुछ बदमाशों के सिजारा-अमनपुरा रोड पर मौजूद होने की सूचना मिली थी। मौके पर स्वॉट टीम के साथ उल्दन पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने वहां से गुजर रहे दो बाइक पर सवार पांच युवकों को रोकने की कोशिश की। इस पर बाइक सवार कच्चे रास्ते की ओर भागने लगे। पीछा करने पर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायर झोंक दिया।
पुलिस टीम ने भी जवाबी फायरिंग की। इसमें तीन बदमाश गोली लगने से घायल हो गए। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम टोड़ी फतेहपुर के रेवन गांव निवासी राजू, सुनील और मुकेश बताया। रूपेश और टोड़ी फतेहपुर निवासी नरेंद्र ने समर्पण कर दिया। पांचों बदमाशों ने उल्दन में महिला संग हुई लूटपाट में शामिल होने की बात मानी है। उनके पास से चोरी के गहने, तमंचे और कारतूस बरामद हुए हैं।
13 मई को बंगरा निवासी ममता देवी (40) पत्नी नरेंद्र घोष से सिजारा गांव के पास इन बदमाशों ने तमंचे की नोक पर लूटपाट की थी। बदमाशों ने झपट्टा मारकर झुमकी छीन ली। इससे ममता के कान फट गए। लूटपाट के बाद बदमाश महिला को खाई में धक्का देकर पटक दिया था। इस मामले में दो आरोपी अभी फरार हैं।
जुआ में तीन लाख रुपये हारने के बाद रची थी लूट की साजिश
दोस्तों को शामिल करने के बाद की थी वारदात, वारदात के बाद निकले भागे थे गरौठा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। उल्दन के पास सिजारा गांव के पास महिला से लूट करने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड टोड़ीफतेहपुर के रेवन गांव का रहने वाला राजू कुशवाहा निकला। पुलिस की गोली लगने के बाद घायल हुए राजू ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि वह करीब डेढ़ साल पहले दिल्ली में रहकर प्राइवेट काम करता था। इस दौरान उसको जुआ खेलने की लत लग गई। कुछ महीने पहले वह गांव लौट आया।
इस दौरान जुआ खेलने से वह करीब तीन लाख रुपये हार गया। उसको ब्याज भी चुकाना पड़ रहा था। इस वजह से उसने लूट की योजना बनाई। रेवन गांव में ही रहने वाले अपने दोस्त सुनील कुशवाहा, मुकेश कुशवाहा, रूपेश कुशवाहा एवं नरेंद्र कुशवाहा को शामिल कर लिया। नरेंद्र उसके दूर का रिश्तेदार भी है। वारदात के दिन 13 मई को सभी ने सिजारा गांव के पास ही एक जगह खड़े होकर शराब पी। उसी दौरान बंगरा निवासी ममता देवी (40) पत्नी नरेंद्र घोष बेटे विशाल और भतीजी पलक के साथ बाइक से भसनेह जा रही थीं।
इन लोगों ने उनका पीछा किया। जिसरा गांव के पास सुनसान जगह रोक लिया। राजू ने ही ममता के कान से झुमकी छीनकर उसको लहूलुहान कर दिया था। पुलिस को चकमा देने के लिए वह लोग करीब चालीस किलोमीटर तक गांव के भीतर ही भीतर गरौठा की ओर भाग निकले। इस वजह से सीसीटीवी कैमरों से भी उनकी शिनाख्त कराने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी।