झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों द्वारा कोरोना के मरीजों में विटामिन डी की कमी को लेकर किया गया शोध भारत ही नहीं, विश्व भर में चर्चा का विषय बना है। एक महीने में लगभग तीन लाख बार यह शोध पत्र डाउनलोड किया जा चुका है। प्रमुख जनरल में प्रकाशित शोध पत्रों के प्रति रुझान बताने वाली संस्था वी-एल्टमेट्रिक द्वारा इसे शीर्ष पांच प्रतिशत शोध में शामिल किया है।
बीते जुलाई में मेडिकल कॉलेज में 15 दिनों तक भर्ती हुए 62 कोरोना मरीजों पर विटामिन डी को लेकर शोध किया गया। इन मरीजों के खून के नमूने से दूसरी जांचों के साथ विटामिन-डी की उपलब्धता की भी जांच कराई। रिपोर्ट सामने आई तो आश्चर्यजनक परिणाम सामने आए। 62 में से 60 मरीजों में विटामिन-डी की कमी मिली। शोध में आचार्य एनेस्थीसिया डॉ. अंशुल जैन, डॉ. एनएस सेंगर, डॉ. रचना चौरसिया, डॉ. मयंक सिंह शामिल रहे। अब यह शोध भारत के अलावा यूनाइटेड स्टेट, कनाडा, नीदरलैंड और ब्रिटेन आदि देशों में काफी चर्चित होता जा रहा है। महीने भर में ही तीन लाख बार इसे डाउनलोड किया जा चुका है। कई देशों ने अपने कोविड मैनेजमेंट में विटामिन डी को शामिल किया है।
शोध में यह बात सामने आई
प्रमुख शोधकर्ता डॉ. अंशुल जैन के मुताबिक विटामिन डी को लेकर हुई रिसर्च में पता चला कि जिन कोविड मरीजों में इसकी कमी थी, उनमें से कइयों की जान जोखिम में पड़ गई, तो कइयों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि थोड़ी देर धूप में रहकर विटामिन डी की कमी को पूरा किया जा सकता है। इसके अलावा मेडिकल स्टोर से टैबलेट और पाउच में भी यह मिलता है। कुछ जरूरी आहार खाकर भी इसकी कमी को दूर की जा सकती है।
विटामिन डी से भरपूर आहार
- अंडे
- दही
- दूध
- मशरूम
- ऑरेंज जूस
- कोलार्ड
- ओकरा
- पालक, सोयाबीन
- पनीर, चीज
कमी के लक्षण
- जल्दी थकना
- जोड़ों में दर्द
- पैरों में सूजन
- लंबे समय तक खड़े रहने में दिक्कत
- कमजोर मांसपेशियां