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जनपद में डेंगू ने पसारे पांव

Sun, 20 Sep 2015 12:42 AM IST
ब्यूरो
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झांसी। अभी तक जनपद के आसपास इलाकों में डेंगू ने लोगों को अपना शिकार बनाया था, लेकिन अब झांसी में भी इसने पांव पसार लिए हैं। जनपद में तीन मरीजों में डेंगू पॉजिटिव होने की पुष्टि मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कर दी है।
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गौरतलब है कि झांसी से सटे टीकमगढ़, शिवपुरी, ललितपुर आदि इलाकों के कई लोग डेंगू का शिकार बन चुके हैं। टीकमगढ़ के पलेरा गांव में तो स्थिति बहुत संवेदनशील हो गई है।

वहीं, अब झांसी में भी डेंगू का आतंक बढ़ गया है। शहर में दो और मोंठ में एक डेंगू पॉजिटिव केस मिले हैं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा की गई जांच में सीपरी बाजार निवासी अश्वनी, बीकेडी चौराहा निवासी वैश्नव और मोंठ निवासी वीरेंद्र की जांच में डेंगू पॉजिटिव होने की बात सामने आई है। पैथलॉजी विभागाध्यक्ष डा. डी नाथ के मुताबिक सभी मरीजों को उपचार दे दिया गया है। स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, कोई भी संदिग्ध मरीज आ रहा है, तो उसकी तुरंत जांच करवाई जा रही है।
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टीकमगढ़ का एक और डेंगू मरीज भर्ती
मेडिकल कॉलेज में टीकमगढ़ के पृथ्वीपुर निवासी ममता कुशवाहा को शनिवार को डेंगू की शिकायत पर भर्ती किया गया। इसके बाद हुई जांच में उसमें डेंगू की पुष्टि हुई है। इस तरह टीकमगढ़ का एक और डेंगू का केस मिल गया है।

सिर्फ सात घंटे जांच की व्यवस्था
मेडिकल कॉलेज में सुबह दस से शाम पांच बजे तक जांच की व्यवस्था है। इसके बाद मरीज को अगले दिन तक का इंतजार करना पड़ता है। पैथलॉजी विभागाध्यक्ष ने बताया कि यदि भविष्य में महामारी वाली स्थिति उत्पन्न होती है तो जांच का समय और बढ़ा दिया जाएगा।

देर से जागा कॉलेज प्रशासन
मेडिकल कॉलेज में एलाइजा मशीन खराब होने के बावजूद पूर्व में एलाइज रीडर की डिमांड नहीं की गई। जब झांसी से सटे जनपदों से मरीज आने शुरू हो गए, तब जाकर कॉलेज प्रशासन को होश आया। पैथलॉजी विभागाध्यक्ष के पत्र को कार्यवाहक प्राचार्य ने शासन में भेजकर दो से तीन एलाइजा रीडर की मांग की। वहीं, 16 सितंबर से रैपिड कार्ड के बाद पैथलॉजी में एलाइजा रीडर के जरिए जांच शुरू की गई।

डीएमओ के पास कोई रिपोर्ट नहीं
मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा डेंगू के मरीजों की पुष्टि करने के बावजूद जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) के पास अभी तक कोई ऐसी रिपोर्ट नहीं पहुंची है। डीएमओ का कहना है कि अभी किसी भी मरीज में एलाइजा के जरिए डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है।

घर भी ले जा सकेंगे मच्छरदानी
मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने वाले मरीजों को अब मच्छारदानी बांटी जाने लगी हैं। कार्यवाहक प्राचार्य डा. एनएन सेंगर का कहना है कि मरीज की अस्पताल से छुट्टी होने के बाद उसे मच्छारदानी घर ले जाने की अनुमति दी जाएगी।
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