अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बरुआसागर के नोट घाट पुल से कार लूटकर फरार हुए तीन बदमाशों को रविवार रात बनगुवां रोड से गिरफ्तार कर लिया गया। उनसे लूटी हुई कार, तमंचा एवं कारतूस बरामद हुए। बदमाशों ने पुलिस पर तीन राउंड फायर किए लेकिन, घेराबंदी करके उनको गिरफ्तार कर लिया गया। सोमवार को तीनों आरोपी न्यायालय के सामने पेश किए गए। यहां से उनको जेल भेज दिया गया।
14 जनवरी को बिजौली निवासी संजीव कुमार वर्मा कार से ओरछा के रास्ते घर लौट रहे थे। रात में ओरछा तिगैला के पास तीन युवकों ने लिफ्ट लेने के बहाने उनकी कार रुकवाई। तबीयत खराब होने के बहाने उन लोगों ने निवाड़ी तक लिफ्ट मांगी। मानवता के नाते संजीव रात में उनको लिफ्ट देने को राजी हो गए। तीनों को कार में बैठा लिया। जैसे ही वह लोग बेतवा नदी के नोट घाट पुल पहुंचे, तीनों युवकों ने उन पर हमला बोल दिया। मार पीटकर उसे बुरी तरह घायल कर दिया। धक्का मारकर कार से नीचे फेंक दिया और कार लूटकर फरार हो गए। संजीव ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी। घटना के बाद से बदमाश पुलिस को छका रहे थे। उनकी लोकेशन भी नहीं मिल रही थी।
रविवार आधी रात को पुलिस को बदमाशों के वनगुवां रोड के पास होने का पता चला। थानाध्यक्ष प्रकाश सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम पहुंच गई। पुलिस टीम को देख बदमाशों ने फायर झोंक दिए। आसपास के इलाके में नाकेबंदी करके तीनों को किसी तरह पकड़ लिया। पूछताछ में बदमाशों ने अपना नाम बबीना के लाहर गांव निवासी अंकुश यादव, शास्त्री नगर निवासी प्रभात रजक एवं मातन मोहल्ला निवासी अंश साहू बताया।
क्षेत्राधिकारी (टहरौली) असमा वकार के मुताबिक उनसे लूटी हुई कार समेत तमंचा एवं कारतूस बरामद हुआ है। आरोपियों के खिलाफ चोरी समेत अन्य मामले भी दर्ज हैं।
इनसेट
चोरी की हल्की धारा में दर्ज कर लिया लूट का मामला
लूट की इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा होने के साथ पुलिस की कार्यशैली की कलई एक बार फिर खुल गई। भुक्तभोगी संजीव कुमार ने घटना के तुरंत बाद बरुआसागर थाने पहुंचकर प्रार्थना पत्र दिया था। भुक्तभोगी ने पुलिस को अपने साथ मारपीट की बात भी बताई लेकिन पुलिस ने उसकी बात न मानते हुए लूट की घटना को छिपाने के लिए चोरी की मामूली धारा बीएनएस की (303-2) में इसे पंजीकृत कर लिया। भुक्तभोगी का मेडिकल भी नहीं कराया। रविवार को जब बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया तो वाहवाही बटोरने के लिए गुपचुप तरीके से लूट की धारा बीएनएस की धारा (309-4) बढ़ा दी।